झांसी। फर्जी जीएसटी बिल बना कर सरकार के राजस्व को करोड़ों की हानि पहुंचाने वाले आरोपी को जमानत देने से न्यायालय सत्र न्यायाधीश कमलेश कच्छल की अदालत ने इंकार कर दिया। न्यायालय ने उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड के पोड़ी गढ़वाल निवासी अशोक 10 अगस्त 2025 को थाना नवाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें आरोप लगाया गया था कि अभियुक्त द्वारा फर्जी जीएसटी बिल बनाकर संगठित गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सरकार के राजस्व को करोड़ों की हानि पहुंचाई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपी को विवेचना के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आज आरोपी पक्ष की ओर से जमानत याचिका न्यायालय में प्रस्तुत की गई।
फर्जी जीएसटी बिल बनाने वाले की जमानत प्रार्थना पत्र न्यायालय जिला एवं सत्र न्यायालय कमलेश कंछन ने सुनवाई की। अभियुक्त के पास से दो मोबाइल व 16 सिम अलग-अलग कंपनियों की बरामद हुई अभियुक्त। फर्जी जीएसटी बिल बनाकर करोड़ों रुपये का जीएसटी घोटाला करता था।
तर्कों को सुनने के बाद न्यायालय ने जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया अब अभियुक्त जेल में ही रहेगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

