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बीमारी, बुढ़ापा ओर रोग बचना है तो करे योग : योगी आदित्यनाथ

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झांसी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर किला की तलहटी में आयोजित योग शिविर में पहुंचे सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूर्य भगवान को प्रणाम कर योग में सम्मिलित लोगों के साथ योगाभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीमारी, बुढ़ापा ओर रोग से बचना है तो निरंतर योग करें।

अपने दो दिवसीय झांसी दौरे पर आए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज दूसरे दिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर किला की तलहटी में आयोजित सामूहिक योग शिविर में सुबह पहुंच कर भाग लिया। इस दौरान उन्होंने सभी लोगों के साथ मिलकर सूर्य भगवान को प्रणाम कर योगाभ्यास किया। योगाभ्याश के बाद वह मंच पर पहुंचे जहां उन्होंने आयुष पत्रिका का विमोचन किया। योग शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी की कार्यकाल में केंद्र सरकार के बारह वर्ष पूर्ण हो गए। इन बारह वर्षों में सबसे अधिक कार्य करने का देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिकॉर्ड बनाया है, उन्होंने योग को अंतर्राष्ट्रीय दिवस घोषित किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य शरीर में चारों पुरुषार्थ पूर्ण कर सकते है, स्वास्थ्य शरीर, स्वास्थ्य मस्तक, स्वास्थ्य शिक्षक, अगर स्वास्थ्य शिक्षक होगा तो उसके छात्र अपने जीवन में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकेंगे और यह लोगों के लिए प्रेरणा बनेगा। स्वास्थ्य वैज्ञानिक होगा तो भारत को नए उपकरण मिलेंगे। स्वास्थ्य आयु के लिए योग करना जरूरी है, प्रधानमंत्री ने भारत को विकसित ओर लोगों को स्वास्थ्य बनाने के लिए आयुष मंत्रालय बनाया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शरीर में स्वास्थ्य मासिक होगा, स्वास्थ्य मस्तीक होगा तो स्वास्थ्य बुद्धि होगी ओर स्वास्थ्य बुद्धि होगी तो आत्मा स्वास्थ्य होगी, आत्मा स्वास्थ्य होगी तो ईश्वर मास्तिक में होंगे। ऋषि परंपराओं में जो भी कहा गया उसका उद्देश्य यही है हमारी संस्कृति हमारे सानिध्य में रहे। 21 जून को सूर्य का सबसे बड़ा सानिध्य प्राप्त होता है, सूर्य जम सबके जीवंत का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय 12 वे योग दिवस पर थीम है कि योग फॉर हेल्थी इंजिंग, प्रधानमंत्री के कारण फिर से देश की परंपरा विरासत को वैश्विक मान्यता मिली। जहां योग में तपा शरीर है वहां न रोग है, न बीमारी है न बुढ़ापा है, बीमारी, रोग बुढ़ापा से बचना है तो योग को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाना है, उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने योग को वैश्विक मान्यता देकर देश के 140 करोड़ लोगों को गौरव के साथ आगे बढ़ने ओर विकसित भारत के लिए विजन प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री अलग अलग राज्यों में जाकर योग में भाग लेकर इसे ऊंचाइयों तक बढ़ाने का कार्य कर रहे है।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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