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हिंदू सहनशील है लेकिन सनातन धर्म की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है हरिवंशदस भगवान के जन्म की कथा सुन झूमे श्रोता

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झांसी।मेंहदी बाग स्थित श्री रामजानकी मंदिर मानस भवन में चल रही श्रीमद भागवत के चतुर्थ दिवस का प्रसंग सुनाते हुए श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथा व्यास हरिवंश दास ने चतुर्थ दिवस सती दाह भगवान शिव द्वारा अपने गढ़ों द्वारा प्रजापति का यज्ञ विध्वंस ,समुद्र मंथन, श्रीराम जन्म, श्रीकृष्ण जन्म एवं वलि वामन अवतार की कथा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जन्म तो जीव का होता है परमात्मा का नहीं। परमात्मा तो अजन्मा हैं उनका वास तो कण कण में। उनका तो प्राक्ट्य होता है। भगवान के जन्म की कथा का प्रसंग सुन श्रोता जमकर झूमे जिससे पूरा वातावरण धर्ममय हो गया।

कथा व्यास ने ‘नंद घर आनंद भयौ जै कन्हैया लाल की। हाथी दीन्हें, घोडा दीन्हें और दीन्हीं पालकी।’मधुर भजन गाये जिनकी धुनें सुन श्रोता भक्ति रस में सराबोर हो गये।इससे पूर्व क्षत्रिय वंश में जन्मे प्रभु राम एवं वामन भगवान के अवतार का विस्तार से वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जब जब धर्म की हानि होती हैं, पृथ्वी पर अधर्म बढता है तो संतों की रक्षा एवं दुष्टों का संहार करने तथा भक्तों को अपनी लीला का रसपान कराने के लिए प्रभु का प्राकट्य होता है।प्रारंभ में नर्मदापुरमसे पधारे महामंडलेश्वर अग्नि अखाड़ा अलखनिरंजनानंद श्री पंचमुख हनुमत धाम पुरी पीठाधीश्वर के शिष्य, महामंडलेश्वर राम प्रिय दस जी,संतोष खारेला, जोगिंदर सिंह, के के गुप्तप्रबंधक भानी देवी गोयल स्कूल, प्रणय श्रीवास्तव डीजीसी सिविल,अनिल अडजरिया, राजकुमार गोस्वामी, गोरी शंकर दुबे ने व्यास पीठ का पूजन किया एवं कथा व्यास का माल्यार्पण कर श्रीमद भागवत पुराण की आरती उतारी।अंत में अंचल अडजरिया ने सभी का आभार व्यक्त किया।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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