झाँसी न्यूज़

कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को नमन कर कहा—‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश आज भी राष्ट्र निर्माण का आधार

झाँसी। आज 2 अक्टूबर 2026 शुक्रवार को रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रकोष्ठ के तत्वावधान में श्रद्धांजलि एवं स्मरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह द्वारा माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने दोनों महान राष्ट्रनायकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। एनएसएस स्वयंसेवकों ने *‘रघुपति राघव राजा राम’* का सामूहिक गायन प्रस्तुत किया तथा महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, संघर्ष, विचारों और राष्ट्र के प्रति योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का अमर आह्वान ‘जय जवान, जय किसान’ आज भी देश के लिए प्रेरणादायी है। यह नारा राष्ट्र की सुरक्षा के साथ-साथ अन्नदाता के सम्मान और कृषि की शक्ति को राष्ट्र निर्माण के केंद्र में स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का सादा जीवन, ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा आज की युवा पीढ़ी के लिए अनुकरणीय है।कुलपति ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन करते हुए कहा कि गांधी जी का ग्राम स्वराज का सपना ऐसे भारत का था, जहां गांव आत्मनिर्भर हों, खेत समृद्ध हों, किसान स्वावलंबी हों और विकास का संबंध प्रकृति के साथ संतुलित बना रहे। कृषि विश्वविद्यालयों की भूमिका गांधी जी के इन विचारों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण है।उन्होंने विद्यार्थियों एवं एनएसएस स्वयंसेवकों का आह्वान किया कि वे महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों से प्रेरणा लेकर ईमानदारी, अनुशासन, सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।‘मिट्टी में मेहनत, मेहनत में सम्मान,किसान के हाथों में बसता भारत महान।’कार्यक्रम ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को स्मरण करने के साथ ही विश्वविद्यालय परिवार को स्वच्छता, सेवा, अनुशासन, किसान सम्मान और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए प्रेरित किया।इस दौरान विवि के अधिकारी, विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, शिक्षक, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी एवं एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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