


झांसी। पच्चीस वर्ष पूर्व सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से बनाया गया अंग्रेजों की बिल्डिंग जैसा थाना अब किसी पांच सितारा होटल से कम नहीं लगता।उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लगातार पुलिस विभाग को हाई टेक करने का कार्य किया जा रहा है। जिसमे सरकार द्वारा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ थानों की मरम्मत आदि के लिए राशि प्रदान की जा रही। मरम्मत कार्य तो जनपद के हर थानों में हुए लेकिन इसे सही दिशा और इसका सही उपयोग ग्रामीण क्षेत्र के बने पूछ थाना में किया गया। पूछ थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह वैसे तो जनपद की कई पुलिस चौकियों में तैनात रहे ओर जहां तैनात रहे उसकी दिशा और दशा बदल दी। कुछ इसी मंशा के साथ उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह जैसे ही पूछ थाना प्रभारी बने उन्होंने थाना की दुर्दशा देखी। अंग्रेजों के जमाने की बनी बिल्डिंग में चल रहे जर्जर हो चुके थाने की रंग सूरत बदल कर रख दी। 1995 में स्थापित हुआ पूछ थाना अब किसी पांच सितारा होटल से कम नहीं लगता। कुछ इसी प्रकार बिजौली पुलिस चौकी, मंडी पुलिस चौकी और मिनर्वा पुलिस चौकी की दशा बदल कर उसे सुंदर बनाने में पूछ थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह का काफी योगदान रहा। आपको बता दे की सबसे पहले जनपद में शहर कोतवाली की कायाकल्प बदली गई थी। जिसका निरीक्षण करने आए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने भी कोतवाली थाना की तारीफ करते हुए उसे यूपी को टॉप स्मार्ट कोतवाली का नाम देते हुए तत्कालीन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद्र त्रिपाठी को बधाई दी थी।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा





