जेडीए की अनदेखी कहे या भ्रष्टाचार, हो गए जमकर अवैध निर्माण, हाईकोर्ट सख्त, अब चल सकता है अवैध निर्माणों पर बुलडोजर

झांसी। बिना मानचित्र स्वीकृत किए रक्सा ही नहीं महानगर के चारों ओर अवैध बिल्डिंग मॉल बनकर खड़े हो गए और शहर को यातायात व्यवस्था में रोड़ा बन रहे, कुछ अभी बन भी रहे, तमाम शिकायतों के बाद भी जेडीए विभाग सिर्फ नोटिस जारी कर खानापूर्ति कर लेता है, लेकिन इन अवैध निर्माणों पर आज तक जेडीए ने ऐसी कोई बड़ी कार्यवाही नहीं की जो मिशाल बन जाए और अवैध निर्माण करने वालों में खौफ पैदा हो सके। खुलेआम हो रहे अवैध निर्माणों को जेडीए विभाग की अनदेखी कही जाए या फिर भ्रष्टाचार यह समझना नामुमकिन है।फिलहाल महानगर के रक्सा इलाके में कुछ जमीनें बीड़ा में आने के बाद ताबड़तोड़ अवैध निर्माण हुए। जिसकी प्रयागराज हाईकोर्ट में शिकायत के बाद हाईकोर्ट की सख्ती को देख जेडीए हरकत में आया और अब अगली सुनवाई से पूर्व ही जेडीए रक्सा में बने अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की कार्यवाही कर सकता है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्राम रक्सा में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध अतिक्रमण और कॉलोनियों के निर्माण के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका (PIL No. 1910 of 2026) पर सुनवाई करते हुए झांसी विकास प्राधिकरण (JDA) को कड़ी फटकार लगाई है। जनहित याचिका में पैरवी कर रहे हैं विद्वान उच्च न्यायालय इलाहाबाद की अधिवक्ता राघवेंद्र यादव ने बताया कि अदालत ने साफ शब्दों में कहा है कि जब ध्वस्तीकरण (demolition) के आदेश जुलाई 2026 में ही पारित हो चुके थे, तो तीन महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जेडीए ने इस पर कोई आगे की कार्रवाई क्यों नहीं की?अदालत में खुला जेडीए के दावों का खोखलापनमुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ के समक्ष जेडीए के वकील द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट से यह साफ हुआ है कि क्षेत्र में कुल 15 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें ध्वस्तीकरण के आदेश जारी हुए थे। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि प्राधिकरण ने केवल दो मामलों में ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया है, जबकि तीन मामले कमिश्नर कोर्ट में लंबित हैं और बाकी बचे मामलों में अब तक कोई ऐक्शन नहीं लिया गया है।’बीडा’ (BIDA) के आते ही रक्सा बना भू-माफियाओं का नया चारागाह, गाढ़ी कमाई हो रही स्वाहादरअसल, जमीनी हकीकत यह है कि जब से झांसी में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA/बीडा) की घोषणा हुई है, तब से समूचे क्षेत्र के भू-माफिया पूरी तरह सक्रिय हो उठे हैं। बीडा के आते ही जमीनों के दाम आसमान छूने लगे, जिसका फायदा उठाकर भू-माफियाओं ने सीधे ग्राम रक्सा का रुख कर लिया है। माफिया इस क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध प्लाटिंग कर अनाधिकृत कॉलोनियां खड़ी कर रहे हैं और भोले-भले लोगों को सुनहरे सपने दिखाकर बेच रहे हैं।प्रशासनिक लापरवाही के चलते आम जनता को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। लोग अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई और मेहनत का पैसा इन अनाधिकृत और अवैध कॉलोनियों के निर्माण में लगा रहे हैं, जो जेडीए के एक ही हथौड़े से जमींदोज होने की कगार पर है। भू-माफिया तो पैसे ऐंठकर किनारे हो चुके हैं, लेकिन आम लोगों का पैसा इस अवैध धंधे की भेंट चढ़कर पूरी तरह स्वाहा हो रहा है।हाईकोर्ट के आदेश के बाद रक्सा में जल्द चलेगा बुलडोजरअदालत ने जेडीए के ढुलमुल रवैए पर नाराजगी जाहिर करते हुए मामले की अगली सुनवाई 11 जनवरी 2027 को तय की है। अदालत ने स्पष्ट रूप से उम्मीद जताई है कि तब तक झांसी विकास प्राधिकरण अपनी सुस्ती को छोड़कर कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में सभी जरूरी और पेंडिंग कार्रवाइयों को पूरा कर लेगा। ऐसे में अब यह साफ है कि कोर्ट के कड़े रुख के बाद रक्सा क्षेत्र में चिन्हित किए गए अवैध निर्माणों पर बहुत जल्द जेडीए का बुलडोजर गरजने वाला है।अवैध प्लाटिंग एवं निर्माण करने वालों को जेडीए की दोटूक चेतावनीजेडीए के सचिव द्वारा जारी आदेशों में अवैध प्लाटिंग और अनाधिकृत निर्माण करने वालों को सख्त लहजे में चेतावनी दी गई है। आदेश के मुताबिक, इन अवैध ढांचों को गिराने में जो भी प्रशासनिक खर्च (व्यय) आएगा, उसकी पाई-पाई इन अवैध कॉलोनाइजरों और निर्माणकर्ताओं से बकाया भू-राजस्व (land revenue) की तरह वसूली जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस को भी कानून व्यवस्था बनाए रखने और इन अवैध कार्यों को करने वालों पर सख्त नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।अब देखना यह होगा कि हाईकोर्ट की इस सख्त फटकार और खुली चेतावनी के बाद झांसी विकास प्राधिकरण जमीन पर कितना त्वरित एक्शन लेता है और बीडा के नाम पर चांदी काट रहे भू-माफियाओं पर कब तक नकेल कसी जाती है।

जेडीए ने हाईकोर्ट में इनकी सूची दाखिल की

झांसी। हाईकोर्ट द्वारा जेडीए से रक्सा में बने अवैध निर्माणों पर क्या कार्यवाही की गई इसका सवाल किया। जिस पर जेडीए ने पंद्रह लोगों की एक सूची दाखिल की जो इस प्रकार है।रक्सा निवासीचंदन सिंह एक एकड़ में, श्रीमती प्रेमलता पूनावली 20 एकड़ में, राजेश कुमार अमरिया तीन एकड़, संजय वर्मा टोल प्लाजा के पास, ग्राम वाजना निवासी सुरेंद्र यादव, टोलप्लाजा के पास अबधेश कुमार, हाइवे टोल प्लाजा के पास नीरज अहिरवार एक एकड़ में, जगदीश पाल एक एकड़ में, पंचायत भवन कोट खेड़ा के पास शशांक रावत 1.50 एकड़, राजपुर मैंन रोड रक्सा 8.50 एकड़, सौरभ अग्रवाल 1.50 एकड़, मिंटू खान एक एकड़, लखन गौतम 3.00 एकड़, वेल ब्ल्यू अरुण साहू इंडेन गैस गौदाम के पास 5 एकड़, यह लोग निर्माण कर रहे, जिनमें से कई लोगों द्वारा मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया, कई लोगों द्वारा मौके पर दिखाया नहीं गया, कुछ लोगों की आयुक्त न्यायालय में अपील दाखिल है, कुछ लोगों को करण का नोटिस जारी कर दिया है। जिस पर प्रयागराज हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्यवाही क्या की, हाईकोर्ट ने आदेश दिए है, की अगली तारीख पर उपस्थित हो लेकिन कार्यवाही करके आए।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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