झांसी। थाना मऊरानीपुर में ढाबे पर खड़ी बस से करोड़ो रुपए कीमत के जेवरातों से भरा बैग चोरी कांड की घटना का झांसी पुलिस ने खुलासा करते हुए महाराष्ट्र के गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक लाख चालीस हजार की नकदी सहित मोबाइल फोन,बैंक पासबुक आदि दस्तावेज बरामद करते हुए उसे जेल भेज दिया है। इस घटना का खुलासा करने के लिए लगी पुलिस टीम ने झांसी से लेकर महाराष्ट्र तक के करीब दो हजार किलो मीटर दूरी तक लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला था। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से मिले सुराग पर पुलिस गैंग तक पहुंच सकी थी।शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान एसएसपी विकास कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 29 अक्टूबर को थाना मऊरानीपुर पुलिस को अमृतसर निवासी सराफा कारोबारी गुरु कीरत सिंह ने बताया था कि वह सोने चांदी के जेवरातों की बिक्री का कार्य करता है। वह झांसी सहित बुंदेलखंड के मध्यप्रदेश के कई जिलों में जाकर सर्राफा कारोबारी को माल बेचता है। इसी संबंध में वह पांच बैग में सोने चांदी का माल लेकर मध्यप्रदेश के छतरपुर से बेच कर झांसी आने के लिए बस में बैठा था। बस मऊरानीपुर में एक ढाबे पर रुकी, तभी उसके दो बैग गायब हो गए, जिनमें करीब पांच करोड़ कीमत के सोने चांदी के जेवरात रखे थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। इस घटना को एसएसपी विकास कुमार ने गंभीरता से लेकर कई पुलिस की टीम गठित कर दी थी। एसएसपी ने बताया कि व्यापारी ने संदेह जताया था कि तीन युवक उसकी सीट के पीछे बैठे थे जो बस से उतरकर एक स्कॉर्पियो में बैठ कर चले गए थे। पुलिस ने अपनी जांच यही से शुरू कर दी थी। पुलिस ने उक्त स्कॉर्पियो का पीछा करते हुए टोल से फास्ट ट्रैक के आधार पर गाड़ी नम्बर लिया, उसके बाद उसी का पीछा करते करते रस्ते में सभी सीसीटीवी फुटेज को चेक करते हुए पुलिस टीम करीब दो हजार किलो मीटर चलकर महाराष्ट्र के अहिल्यानगर महलंगी पहुंची जहां पुलिस टीम ने स्कॉर्पियो के नंबर के आधार पर आरोपी अमोल मारुति पिटेकर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम को आरोपी ने पूछताछ में घटना का जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसने ही अपने पिता राजाराम पिटकर, लक्ष्मण राजाराम, अन्नत राजाराम, सुनील अर्जुन जाधव, लक्ष्मण मारुति जाधव के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। पुलिस टीम ने अमोल मारुति को वहां न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर उसे झांसी ले आई, यहां पुलिस ने उसके कब्जे से एक लाख चालीस हजार रुपए, दो ओप्पो मोबाइल फोन, पासबुक अन्य दस्तावेज बरामद कर उसे जेल भेज दिया। वही पुलिस अभी विवेचना कर रही प्रकाश में आए सभी अभियुक्तों के बैंक खातों में पड़ी रकम करीब 18 लाख फ्रिज करा दी है। एसएसपी ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश चल रही है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
