झांसी। न्यायालय सत्र न्यायाधीश कमलेश कच्छल की अदालत ने पत्नी को फिनायल पिलाकर उसकी हत्या करने का प्रयास करने के आरोपी पति फौजी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रीमती शशि शर्मा ने 1 अक्टूबर 2026 को नवाबाद थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसका विवाह मध्यप्रदेश के जिला दतिया उड़ेना निवासी राजेंद्र शर्मा के साथ हुआ था। राजेंद्र शर्मा फौज में तैनात है, शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसका उत्पीड़न करने लगे तो वह ससुराल छोड़ कर अपने मायके में रहने लगी। उसका आरोप था कि 12 मई 2026 सास, देवर और पति उसके घर आए और मारपीट कर उसके जेवर छीन ले गए थे। इसके बाद अगले दिन देवर उसके घर आया और उसकी मारपीट कर अश्लील हरकत की तथा इतना पीटा कि वह बेहोश हो गई और यह लोग भाग गए। शशि का आरोप है कि 23 मई 2026 को पति और देवर मधुर पुनः उसके घर आए और उसे जबरन हत्या का प्रयास करने के लिए फिनायल पिलाने लगे, किसी प्रकार उसने बचकर जान बचाई और पुलिस को सूचना दी। जिस पर देवर ने उसे धमकी दी कि सौ रुपए के कारतूस से उड़ा कर हत्या कर देंगे। किसी प्रकार उसने बचकर इंद्रगढ़ में अस्पताल में अपना उपचार कराया। नवाबाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। आज आरोपी राजेंद्र शर्मा फौजी की और से न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका प्रस्तुत की गई। अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी क्राइम मृदुल कांत श्रीवास्तव ने न्यायालय से अपील करते हुए बताया कि अभियुक्त का अपराध जमानत देने योग्य नहीं है। जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को जमानत देने से इंकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
