झांसी। न्यायालय सत्र न्यायाधीश झांसी कमलेश कच्छल की अदालत ने प्रेमिका के साथ मिलकर उसके नाना की हत्या करने वाले आरोपी को जमानत देने से इंकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। अभियुक्त को अभी जिला कारागार में ही रहना पड़ेगा। अभियोजन की और से पैरवी कर रहे डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि चिरगांव के ग्राम छिनौरा में 13 सितंबर 2026 को रामदीन की कुआं में लाश मिली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। परिजनों ने ग्राम वासियों और अन्य लोगों से सलाह मशविरा कर आशंका जाहिर कि शराब पीने के चलते या बीमारी से ग्रसित होने के चलते कुआं में कूद कर आत्महत्या कर ली होगी। यह सोच कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। अगले दिन की घर की साफ सफाई के दौरान मृतक रामदीन के खून से सने कपड़े घर की अलमारी में छिपे मिले तथा उसकी नतिनी कंचन के भी कपड़े खून से सने परिवार के लोगों को मिले, जिस पर आशंका जाहिर कर परिजनों ने कंचन से पूछताछ की तो उसने राज उगला कि 12 सितंबर को नाना ने उसे उसके प्रेमी ग्राम छीनौरा निवासी विशाल के साथ देख लिया था। नाना कही उनकी बदनामी न कर दे, इसी के चलते विशाल ने नाना का गला दबा दिया कंचन ने पत्थर नाना रामदीन के सर पर बार कर दिया जिससे उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर आरोपी कंचन, विशाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आज आरोपी विशाल की और से न्यायालय में जमानत याचिका प्रस्तुत की गई, न्यायालय ने सुनवाई के बाद आरोपी को जमानत देने से इंकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
