झांसी। अफसरों की चौखट पर न्याय मांगने आए फरियादी के प्रकरण में संबंधित थाना को कार्यवाही का आदेश जारी करने के बाद थाना भेजे गए फरियादी को थाने के तैनात उपनिरीक्षक ने कार्यवाही न करते हुए उसे घंटों तक थाना में बैठा कर यह करा दिया कि मुख्यालय में बैठे अफसरों की चौखट पर भले ही चले जाओ न्याय हमारी मर्जी से ही मिलेगा। यह मामला थाना गुरसराय का है, जहां फरियादी मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और जिलाधिकारी (डीएम) के समक्ष पेश होकर न्याय की गुहार लगाई। लेकिन हद तो तब हो गई जब उच्चाधिकारियों की चौखट से लौटने के बाद आज ही पीड़ित गुरसरांय थाने पहुंचा, तो पुलिस ने न तो उसकी रिपोर्ट लिखी और न ही मेडिकल कराया। सूत्रों की मानें तो आरोपी इतने प्रभावशाली हैं कि स्थानीय पुलिस पूरी तरह उनके साथ साठगांठ कर नतमस्तक हो चुकी है।रास्ते से अगवा कर गढ़ी में मरणासन्न किया, दरोगा ने मिटाए सबूतघटना के संबंध में पीड़ित ग्राम बंका पहाड़ी निवासी बृजेन्द्र परिहार पुत्र लाखन परिहार ने बताया कि बीते 26 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे जब वह खेत से घर लौट रहा था, तभी मुख्य मार्ग पर गांव के ही जुगल किशोर ने उसे रोक लिया और शराब के लिए पैसे मांगे। मना करने पर जुगल किशोर ने अपने साथी मोंटी उर्फ यशराज और देवांश को बुला लिया और बृजेन्द्र को जबरन मोटरसाइकिल पर अगवा कर गांव की गढ़ी ले गए। वहां पहले से मौजूद अभिराज के साथ मिलकर चारों ने पीड़ित को कट्टा दिखाकर बेरहमी से पीटा, जिससे उसके बाएं कान का पर्दा फट गया और उसे सुनाई देना बंद हो गया।पीड़ित का आरोप है कि घटना के साक्ष्य पास के पीएनबी बैंक के सीसीटीवी में कैद थे, लेकिन हल्का दरोगा सूर्यकांत त्रिपाठी ने आरोपियों को संरक्षण देते हुए उनसे मिलकर कैमरे की हार्ड डिस्क और रिकॉर्डिंग ही गायब करवा दी ताकि साक्ष्य नष्ट हो सकें।बहन पर तेजाब फेंकने की धमकी, दहशत में घर छोड़ने की तैयारीपीड़ित परिवार का आरोप है कि इन दबंगों का आतंक यहीं नहीं थमा। इससे पहले भी आरोपियों ने पीड़ित के घर में घुसकर उसकी 24 वर्षीय बहन के साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया था और विरोध करने पर चेहरा तेजाब से जलाने की धमकी दी थी। बहन ने डरते-डरते अपने मोबाइल से इस बदसलूकी का वीडियो भी बनाया था जो आज भी साक्ष्य के रूप में मौजूद है। इस खौफनाक माहौल और पुलिस की खुली तरफदारी के चलते पीड़ित की बहन घर के अंदर कैद है और पूरा परिवार गांव से सामूहिक पलायन करने को मजबूर हो गया है।सूत्रों का दावा: खाकी और रसूखदारों में ‘गांठ’क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि आरोपी बेहद रसूखदार और ऊंचे राजनीतिक संपर्कों वाले व्यक्ति हैं। यही कारण है कि घटना के कई दिन बीत जाने और आज खुद पीड़ित द्वारा एसएसपी व डीएम को हकीकत बताने के बावजूद गुरसरांय पुलिस आरोपियों के खिलाफ हाथ डालने से कतरा रही है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उसकी रिपोर्ट दर्ज कर निष्पक्ष जांच न की गई, तो वह सपरिवार उग्र कदम उठाने को बाध्य होगा जिसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
