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झांसी एसएसपी ओर उनकी टीम की उच्च न्यायालय ने की सराहना

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झांसी। नाबालिग की तलाश के लिए उच्च न्यायालय में दायर की गई हैवीयश कॉपर याचिका में अंतिम सुनवाई पर केंद्र सरकार ओर उत्तर प्रदेश सरकार को नाबालिग गुमशुदा/ अपहरण प्रकरण में कई लापरवाहियों को दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही बालिका सकुशल बरामद कर उसे उसके परिवार से मिलाने पर झांसी एसएसपी ओर उनकी टीम की अपने अंतिम आदेश में उच्च न्यायालय ने सराहना दर्ज की है।

आपको बता दे कि थाना सीपरी बाजार में 11 जून 2025 को एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री को एक युवक अपने साथ बहला फुसला कर भगा ले गया है। मुकदमा दर्ज होने के कई दिनों तक बालिका की बरामदगी नहीं। जिस पर पीड़िता ने विवेचक पर तमाम आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय प्रयागराज में हैवीयश कॉपर याचिका दायर की थी। नाबालिग की सकुशल बरामदगी नहीं होने पर उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार ओर झांसी पुलिस अफसरों से कई पहलुओं पर बिंदु बार रिपोर्ट तलब की। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने मामले को संज्ञान लेकर तत्काल नाबालिग को बरामदगी करने में लापरवाही बरतने वाले विवेचक के खिलाफ विभागीय कार्यवाही कर अलग अलग तीन पुलिस की टीम ओर अलग से सर्वेलेंस की टीम गठित कर नाबालिग की बरामदगी के प्रयास तेज कर दिए थे। इधर उच्च न्यायालय भी नाबालिग की बरामदगी के लगातार हर सप्ताह सुनवाई कर दिशा निर्देश दे रहा था कि एफआईआर से लेकर अब तक नाबालिग की बरामदगी में क्या क्या लापरवाही बरती गई उसे दूर किया जाए। इधर एसएसपी झांसी ने गठित की गई पुलिस टीमों को सख्त हिदायत दी थी कि नाबालिग बालिका की हर हालत में सकुशल बरामदगी की जाए। इससे पहले कि उच्च न्यायालय अपना अगला आदेश जारी करता उससे पहले की एसएसपी के निर्देशन में लगी पुलिस टीम ने नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया था। झांसी पुलिस ने उच्च न्यायालय को रिपोर्ट सौंपते हुए बालिका को न्यायालय के समक्ष पेश किया ओर उसे सुरक्षित परिवार जनों को सौंपते हुए मध्यप्रदेश निवाड़ी निवासी युवक के खिलाफ अभियोग में धाराओं की बदतरी कर उसे जेल भेज दिया। उच्च न्यायालय ने इस प्रकरण में सुनवाई के दौरान अंतिम तिथि में आदेश जारी किया कि नाबालिग के लापता होने से लेकर एफआईआर ओर विवेचक द्वारा की गई लापरवाही संजय प्रसाद के मामले का उल्लेखित करते आचरण ठीक नहीं होने की बात कहते हुए पुलिस सुधारों से संबंधित न्यायिक निर्देशों के प्रति व्यवहार के लिए हानिकारक मिसाल पेश होगी। यह न्यायालय ऐसे आचरण का मूक दर्शक नहीं रह सकती। वही न्यायालय सुभाष बोस संबंधित आदेशों का पालन नहीं करने पर गृह सचिव उत्तर प्रदेश, एवं भारत सरकार डीओपीटी प्रशिक्षण विभाग सचिव को पत्र जारी कर निर्देशित किया ऐसे प्रकरणों में गंभीरता से पूर्व निर्देशों का पालन सुनिश्चित करे। साथ ही आदेश में अंतिम स्थान पर लिखा कि बालिका की सकुशल बरामदगी करने ओर उसे उसके परिवार से मिलाने में झांसी एसएसपी ओर उनकी टीम द्वारा किए गए सार्थक प्रयासों के लिए अपनी ओर से सराहना करता है। यह आदेश तीन जून 2026 को पोर्टल पर दर्ज हुआ। उच्च न्यायालय में याचिका कर्ता की ओर से पैरवी अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह यादव ने की थी।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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