झांसी। फर्जी जीएसटी बिल बनाकर सरकार को करोड़ों के राजस्व की क्षति पहुंचाने वाले आरोपी को न्यायालय सत्र न्यायाधीश कमलेश कच्छल की अदालत ने जमानत देने से इंकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 दिसंबर 2025 को थाना शहर कोतवाली में राज्य कर के वरिष्ठ सहायक विजिलेंस देवेंद्र पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि मैसर्स काजल इंटरप्राइजेज सहित कई फर्म के नाम से फर्जी जीएसटी बिल, प्रपत्र बनाकर सरकार के राजस्व को करोड़ों की क्षति पहुंचाई जा रही है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कई आरोपियों की गिरफ्तारी की थी। विवेचना के दौरान प्रकाश में आया था कि यह फर्जी जीएसटी बिल बनाने वाला महाराष्ट्र के तूलिंज भगवती कॉम्प्लेक्स निवासी पीयूष शांति लाल को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से कंप्यूटर ओर अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद कर उसे जेल भेज दिया था। आज आरोपी पीयूष शांति लाल की ओर से न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिसका डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव ने विरोध करते हुए न्यायालय से आरोपी को जमानत न देने की अपील की। न्यायालय ने सुनवाई के बाद जमानत देने से इनकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

