
झांसी। दिगम्बर जैन पंचायत समिति झांसी का कब्जा दखल को लेकर चल रही दो पक्ष का विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। मंडलायुक्त के द्वारा नई कार्यकरिणी खारिज कर पुरानी कार्यकारिणी को बरकरार रखने के निर्देश दिए गए। जिसका पालन नहीं होने पर मीडिया के सामने अपनी बात रखी। एक पक्ष ने मंडलायुक्त के आदेशों का पालन कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने हिसाब न देने वाले आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि संस्था का बायलॉज के मुताबिक कोषाध्यक्ष के पास लेनदेन का हिसाब रहता है, जब चाहे तब कोई भी व्यक्ति उनके पदाधिकारी से लेनदेन का हिसाब ले सकता है।
दिगम्बर जैन पंचायत समिति झांसी महामंत्री कमल जैन ने रविवार को पत्रकार वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि दिगम्बर जैन पंचायत समिति झांसी का निर्वाचन 12 दिसंबर 2012 को हुआ था। जिसमें वह महामंत्री, अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जैन, निर्वाचित हुए थे। इसके बाद अभी हाल ही में कुछ अराजक तत्वों द्वारा चिट्स फंड सोसायटीज कार्यालय में तथ्य छुपा कर समिति का रजिस्ट्रेशन करा लिया ओर जबरन तीन चार माह से कब्जा लिया था। महामंत्री कमल जैन ने बताया कि इस रजिस्ट्रेशन सूची के खिलाफ उनके समिति के निर्वाचित मंत्री राजकुमार जैन, शिरोमणि जैन ने मंडलायुक्त के यहां अपील दायर कर बताया था कि गलत तरीके से सही तथ्यों को छिपा रजिस्ट्रेशन कराया है। मंडलायुक्त ने उनकी अपील स्वीकार करते हुए कुछ दिन पूर्व उनकी सूची निरस्त कर दी थी। कमल जैन ने बताया कि मंडलायुक्त के आदेश के बाद वह ओर उनकी समिति के सदस्य पदाधिकारी गत दिवस चार्ज लेने पहुंचे जिस पर अराजक तत्वों ने हंगामा करते हुए उन्हें चार्ज देने से इनकार कर दिया ओर पुलिस प्रशासन को मौके पर बुलाया। कमल जैन ने बताया कि उन पर जो हिसाब न देने का आरोप लगाया जा रहा है वह पूरी तरीके से गलत है, बायलॉज के मुताबिक संस्था का लेखा जोखा हिसाब किताब कोषाध्यक्ष के पास रहता है, ओर समाज का कोई भी हिसाब ले सकता है, साथ ही उन्होंने प्रशासन ओर समाज के लोगों से मांग की है कि उन्हें बेवजह परेशान नहीं किया जाए साथ ही नियम के मुताबिक उन्हें समिति का चार्ज देकर चलाने दिया जाए।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

