झांसी। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थी श्रीमती कामनी देवी को छ साल से गैस सिलेंडर नहीं मिला। उनके नाम पर अन्य कोई सिलेंडर का लाभ ले रहा है। इस बात का खुलासा कुछ दिनों पूर्व गैस बुकिंग करने के बाद भी गैस घर नहीं आने पर गैस एजेंसी पहुंचे तो वहां पता चला कि उसे गैस नहीं मिलेगी क्योंकि उसके नाम पर उज्ज्वला योजना गैस सिलेंडर है ओर किसी दूसरी एजेंसी से छ साल से सिलेंडर लिया जा रहा है। पीड़िता ने इस धोखाधड़ी की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल, जिलापूर्ति अधिकारी से भी लिखित रूप से की। लेकिन मामला संज्ञान में आने के बाद जिलापूर्ति विभाग द्वारा चुप्पी साधे हुए है। पीड़िता का कहना है कि उसे घरेलू गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा साथ ही उसके नाम से किसी ओर को उज्ज्वला योजना का लाभ दिया जा रहा है।
आपको बता दे कि गुरसराय क्षेत्र के बंगरा ब्लॉक बंका पहाड़ी निवासी श्रीमती कामनी देवी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर ओर जिलापूर्ति विभाग को लिखित शिकायत कर बताया था कि उसके घर पर घरेलू गेस सिलेंडर का कनेक्शन है ओर हर माह बुकिंग के दौरान उसके घर सिलेंडर आ जाता था। लेकिन ईरान अमेरिका युद्ध के बाद से गैस एजेंसी द्वारा समय पर गैस सिलेंडर नहीं दिया जा रहा है। जब इसकी पूछताछ करने वह अपनी गैस एजेंसी पहुंची तो उसे बताया गया कि वह केवाईसी करवाए। उसने केवाईसी करवाई तो उसे गैस एजेंसी संचालक ने बताया कि उसका कनेक्शन बंद कर दिया गया क्योंकि उसके नाम से उज्जवला योजना अंतर्गत 2019 से गैस कनेक्शन जगजोत सिंह भारत गैस एजेंसी पर है। इसके बाद जब वह जगजोत सिंह गैस एजेंसी पहुंची ओर उसने पूछताछ की तो एजेंसी संचालक ने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत छ साल से लगातार आपके नाम से गैस सिलेंडर जा रहा है और गैस सिलेंडर लेने के बाद अंगूठा भी लगाया जा रहा है। इस पर पीड़िता ने बताया कि वह अंगूठा नहीं लगाती वह हस्ताक्षर करती है। इसके बाद गैस एजेंसी संचालक ने उसे कोई जबाव नहीं दिया। पीड़िता ने अधिकारियों के भेजे गए शिकायती पत्र में बताया कि इस संबंध में वह दो सप्ताह पूर्व लिखित शिकायत ओर व्यक्तिगत रूप से साथ ही फोन के माध्यम से जिलापूर्ति अधिकारी को शिकायत बता चुकी। दो सप्ताह से इस भ्रष्टाचार की शिकायत होने के बाद भी आज तक जिलापूर्ति विभाग ने इस ओर जांच पड़ताल करने का मन भी नहीं बनाया। जिम्मेदार विभाग की इस प्रकार की उदासीनता रही तो भ्रष्टाचार कैसे समाप्त होगा ओर सरकार की योजनाओं का कैसे लाभ मिलेगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

