
झांसी। भगवान श्री राम के जन्म एवं जन्म के पश्चात बाल लीला के संदर्भ में मडिया महादेव मंदिर पर चल रही श्री राम कथा में कथा व्यास हरिवंश दास जी ने कहां की भगवान शिव में पार्वती जी से कहा कि अब तुम राम कथा श्रवण की पात्र हो गई हो,कागभुशुण्डि जी से शिवजी ने कहा चलो भगवान राम के दर्शन करके आते हैं इस पर कागभुशुण्डि ने कहा की अयोध्या में जाना इतना आसान नहीं है तब भगवान ने कहा कि चलो ज्योतिष बनकर चलते हैं भगवान शिव गुरु बन गए और कागभूसुंड जी चेला, उन्होंने पहले सरयू मे स्नान किया फिर बढ़िया भेष बनाकर बैठ गए। तभी राम जी ने रोना शुरू कर दिया दासियां भगवान शिव को ज्योतिष के रूप में सरजू जी के किनारे बैठे थे को लेकर आ गई। शिव जीने प्रभु श्री राम के दर्शन किए राम जी ने रोना बंद कर दिया शिव जी का रोना शुरू हो गया कौशल्या मैया ने कहा बाबा बड़े चमत्कारी हैं मेरे लाल का दुख अपने ऊपर ले लिया कि मेरे लाल का भविष्य बताइए। ज्योतिष बने भगवान शिव ने कहा यह बालक चक्रवर्ती सम्राट बनेगा और घूमने-फिरने में सदैव लगा रहेगा सभी भगवान राम ने चरण का स्पर्श कराया और कहा सब ना बता दो चुप रहो उसके बाद नामकरण संस्कार की लीला वशिष्ठ जी ने राम जी का नाम रखते हुए कहा कि यह जगत को आनंद देने वाले होंगे जोगियो के मन में रमन करेंगे और योगी जिनके मन में रमण करेंगे। सुख प्रदान करेंगे अतः इनका नाम राम होगा यह भरत विश्व का पालन पोषण करेंगे, यह ईर्ष्या काम क्रोध मद जो व्यक्ति साथ लेकर पैदा होता है उसका विनाश करेंगे इसीलिए इनका नाम शत्रुघ्न होगा जो लक्ष्मी संपन्न होंगे। उनका नाम लक्ष्मण होगा भगवान राम उनके बिना एक क्षण भी नहीं रह सकते इसके बाद विश्वामित्र जी का आगमन राम को लेकर जाना राक्षसों से मुनिया के यज्ञ की रक्षा ताड़का का वध आदि लीलाओं का सुंदर वर्णन साथ ही सुंदर सुरीले भजन प्रस्तुति दी प्रारंभ में ग्रंथ पूजन आलोक शांडिल्य, अमित चिरवारिया, विनोद अग्रवाल जगदीश अग्रवाल महंत विष्णु बसंत गोलवलकर, सुशील शर्मा शिवम शर्मा भानु नगरिया पूरन तिवारी गणेश कुशवाहा मनोज कुशवाहा ने किया अंत में आरती अंचल अरजरिया अरुण गुप्ता अजय तिवारी वशिष्ठ उपाध्याय अर्पित राकेश अमर ने की।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

