झांसी।
भारत की पावन भूमि संतों की है, किसी सांता की भूमि नहीं है। यह बात विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष झाँसी रिषभ झा ने एक प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि भारत की धरती श्रीराम, श्रीकृष्ण, श्री हनुमान, भगवान परशुराम की जन्मभूमि और कर्मभूमि है। यह भूमि राजा भरत, दानवीर कर्ण, भक्त रविदास व महर्षि वाल्मीकि द्वारा सेवित है। जिस भूमि की रक्षा के लिए महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी, भगत सिंह व चंद्रशेखर आज़ाद ने अपने प्राणों की आहुति दी है।
सांता-बंता बनाकर हम गलत संस्कार देते हैं। हमें इस दिन प्लास्टिक के पौधों की नहीं, तुलसी के पौधे के पूजन का संदेश देना चाहिए, क्योंकि तुलसी केवल धार्मिक मान्यता का ही नहीं, औषधीय गुणों का भी पौधा है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि इतिहास में भारतीय संस्कृति तथा हिंदू धर्म को जो गुमराह किया गया है, विश्व हिंदू महासंघ उसका विरोध करेगा तथा धूमधाम से तुलसी पूजन दिवस मनाया जाएगा। प्रत्येक हिंदू के लिए तुलसी का पौधा आस्था का प्रतीक है। हिंदू धर्म में तुलसी की पूजा होती है और बहुत लोग इसे अपने घर में भी लगाते हैं। हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले कई लोग हर दिन भी तुलसी के पौधे की पूजा करते हैं।
25 दिसंबर को हर हिंदू भाइयो को अपने घर में तुलसी माता की पूजा करनी चाहिए।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

