

झांसी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सीताराम आजाद का योगदान भुलाया नहीं जा सकता। आजादी की लड़ाई लड़ने के लिए झांसी को केंद्र विंदू बनाया गया था और इसमें आजादी की लड़ाई लड़ने में सीताराम आजाद ने क्रांतिकारियों का जो सहयोग किया उसे भुलाया नहीं जा सकता। यह बात उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री हरगोविंद कुशवाहा ने सीताराम आजाद की आयोजित पुण्यतिथि समारोह के दौरान कही।
गुरुवार को पत्रकार भवन प्रांगण में आयोजित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सीताराम आजाद की पुण्य स्मृति समारोह में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री हरगोविंद कुशवाहा, समाज सेवी डॉक्टर संदीप सरावगी, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के पुत्र कांग्रेस नेता गौरव जैन, कांग्रेस नेता सुनील तिवारी, दिनेश भार्गव, संपादक रिपु सूदन नामदेव ने प्रांगण में स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सीताराम आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें पुष्पांजलि करते हुए नमन किया। इस दौरान मुख्य अतिथि राज्य मंत्री हरगोविंद कुशवाहा ने सीताराम आजाद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की आजादी में क्रांतिकारियों के साथ आजादी की लड़ाई में जो योगदान दिया उसे भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने बबीना में विस्फोट किया था। चंद्रशेखर आजाद, राज गुरु भगत सिंह, सुखदेव, राजेंद्र यह सब क्रांतिकारी सीताराम आजाद जी के यहां रहते थे। सीताराम आजाद जी ने सभी क्रांतिकारियों को आजादी की लड़ाई में उनका सहयोग ओर योगदान दिया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह जानकारी होनी चाहिए कि आजादी की लड़ाई में झांसी को केंद्र विंदू बनाया गया था और इस आजादी की लड़ाई में सीताराम आजाद जी का योगदान क्रांतिकारियों के साथ रहा था। वहीं समाजसेवी डॉक्टर संदीप सरावगी ने भी सीताराम आजाद जी द्वारा क्रांतिकारियों के लिए दिए गए योगदान की सराहना करते हुए उन्हें नमन किया। कार्यक्रम का संचालन संपादक रिपु सूदन नामदेव ने किया।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

