झांसी। एक वर्ष पूर्व मासूम बालिका से दरिंदगी करने वाले अधेड़ आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर महज 17 माह के अंदर ही न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पोस्को एक्ट मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने दरिंदे आरोपी को बीस साल का कठौर कारावास और एक लाख रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।अभियोजन की और से पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता विजय सिंह कुशवाह ने जानकारी देते हुए बताया कि 24 मई 2024 को एक व्यक्ति ने थाना मऊरानीपुर में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी सात वर्षीय पुत्री घर के बाहर बच्चों के साथ खेल रही थी। काफी समय होने पर जब उसकी पुत्री घर में नहीं आई तो वह लोग बाहर ढूंढने लगे। रात करीब आठ बजे उसकी पुत्री घर लौटी और रोते बिलखते हुए अपने साथी हुई घटना की जानकारी परिवारजनों को देते हुए बताया कि आजाद नगर ग्राम बम्होरी निवासी हर प्रसाद उसे जबरन अपने साथ घर पर ले गया था और उसके साथ गलत हरकत की। मासूम की स्थिति देख परिजन तत्काल उसे थाना लेकर आए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साक्ष्य संकलन करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया था। पुलिस ने आरोपी को कठोर सजा दिलाने के लिए साक्ष्य संकलन कर 28 दिन के अंदर 14 जून को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। न्यायालय ने सुनवाई शुरू कर महज 17 महीनों में गवाह जिरह पूरी होने पर आरोपी हर प्रसाद पर दोष सिद्ध होने पर उसे आज बीस साल की जेल और एक लाख रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
