झांसी। अधिवक्ता संघ द्वारा जारी किए गए अनिश्चित कालीन हड़ताल निरस्त के पत्र पर संयुक्त सचिव द्वारा अधिवक्ता संघ को गुमराह करने जैसे कारण लिखे गए। जिस पर अधिवक्ता संघ के संयुक्त सचिव ने पलट बार करते हुए बताया कि उन्होंने अधिवक्ता संघ को कोई गुमराह नहीं किया। उन्होंने पूर्व में एसएसपी और अधिवक्ता संघ तथा बार संघ को लिखकर दिया था कि उनके साथ शहर कोतवाल ने अभद्रता की है, न कि गाली गलौज की। उन्होंने सोमवार को मीडिया के सामने आकर कहा कि उन्होंने किसी प्रकार का किसी को भ्रमित नहीं किया, वह लगातार शुरू से यही कहते चले आ रहे कि उनके साथ अभद्रता हुई है, न कि गाली गलौज। उन्होंने यह बात इसलिए मीडिया के सामने कही क्योंकि उन्हें बहुत आघात पहुंचा है कि अधिवक्ता संघ ने कहा कि उन्होंने अधिवक्ता संघ को भ्रमित किया है। उन्होंने कहा कि जब अधिवक्ताओं का प्रदर्शन हुआ इसके लिए उन्हें जानकारी नहीं दी गई थी और न ही वह प्रदर्शन मौजूद थे, प्रदर्शन वाले दिन वह कानपुर में, उन्होंने कहा कि उन्हें न तो अधिवक्ता संघ से कोई बुराई है और न ही बार संघ से तथा न ही पुलिस से कोई बुराई है। लेकिन उनके साथ शहर कोतवाल ने अभद्रता की है इस बात को वह बार बार कहते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह धन्यवाद ज्ञापित करते है एसपी सिटी का जिन्होंने 27 सेकंड कोतवाली थाना का वीडियो वायरल कर घटना को स्पष्ट किया उस वीडियो में शहर कोतवाल उन्हें बाहर जाने के लिए कहते हुए दिखाई सुनाई पड़ रहे है, लेकिन पुलिस ने उसके बाद का वीडियो वायरल नहीं किया जिसमें उनके जूनियर विनय कोटि ने शहर कोतवाल को उनका परिचय दिया था उसके बावजूद भी कोतवाल ने उनके साथ अभद्रता करते हुए उन्हें चैम्बर से बाहर निकाला।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
