
झांसी। अक्सर शोशल मीडिया पर पुलिस के अमानवीय चेहरे प्रसारित कर पुलिस की छवि को धूमिल करने को लेकर तरह तरह के आरोप प्रत्यारोप लगाए जाते है। लेकिन पुलिस का दूसरा चेहरा कम ही लोग देखते है। ऐसा नहीं की पांचों उंगलियां एक बराबर होती है। झांसी में तैनात दरोगा शिव शंकर तिवारी और देवेश कुमार उपाध्याय ने आज जो कर दिखाया उसकी हर जगह जमकर सराहना हो रही है। जानकारी के मुताबिक नवाबाद थाना क्षेत्र के मढिया मोहल्ला मंदिर में जलाभिषेक करने को लेकर हजारों की भीड़ श्रद्धालुओं की लगी थी। इसी दौरान भीड़ में सैयर गेट निवासी महिला विमला पाखरे पति संतोष पाखरे भी मंदिर में दर्शन करने गई थी। इसी दौरान भीड़ में उसका पचास हजार कीमत से अधिक का मंगलसूत्र गुम हो गया। महिला ने उसकी सूचना पुलिस को दी। लेकिन मंगलसूत्र नही मिला। वही मढिया मोहल्ला मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था में लगे नवाबाद थाना के उपनिरीक्षक देवेश कुमार उपाध्याय को देर शाम वह मंगलसूत्र मिला। उन्होंने उस मंगलसूत्र को लेकर थाना में जीडी में अंकित करा दिया। इसके बाद जानकारी हुई की जिस महिला का मंगलसूत्र गिरा था वह पुलिस के पास गई थी। उन्होंने तत्काल मंदिर परिसर में लगी पुलिस से संपर्क कर महिला की जानकारी ली और उसे तत्काल सूचित कर उसका मंगलसूत्र महिला को सौंप दिया। वही शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह गौर के पुत्र का देर शाम सीपरी बाजार में 56 सौ रुपए रखा पर्स गुम हो गया था। इसकी सूचना मिलने के बाद चमन गंज चौकी प्रभारी शिव शंकर तिवारी ने काफी प्रयास कर खोया हुआ पर्स तलाश कर आज उनके सुपुर्द कर दिया। पुलिस के इस सराहनीय कार्य की महिला ओर अधिवक्ता ने जमकर सराहना करते हुए शोशल मीडिया पर तारीफ की।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा





