झांसी। आज उ.प्र. चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ सिंचाई विभाग जनपद शाखा झाँसी की आवश्यक बैठक बेतवा भवन प्रांगड़ मंे देवेन्द्र सिंह बुन्देला जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य रूप से विभिन्न विभागों से अब्दुल रहीस सिद्दीकी जिला मंत्री उ.प्र. चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ एवं कुन्दन लाल प्रान्तीय उपाध्यक्ष उ.प्र. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एवं लाखन सिंह चैहान प्रान्तीय कार्यवाहक अध्यक्ष उ.प्र. चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ एवं रामबाबू विश्वकर्मा प्रान्तीय सचिव एवं सुरेश कुमार अड़जरिया जिला मंत्री उपस्थित रहे। बैठक में देवेन्द्र सिंह बुन्देला जिलाध्यक्ष द्वारा बताया गया कि दिनांक 17.12.2022 को अपराह्न अधिशाषी अभियन्ता झाँसी प्रखण्ड बेतवा नहर झाँसी द्वारा अनाधिकृत रूप से बदले की भावना से संघ कार्यालय में ताला डाल दिया गया है जिसको लेकर कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। संघ के कार्यालय में रोज नित्य कर्मचारियों की समस्याओं पर पत्राचार एवं संचालन नहीं हो पा रहा है। संघ में आवश्यक पत्रावली में छेड़छा़ड़ होने की आशंका है। यदि ऐसा होता है तो इसमें पूर्ण रूप से जिम्मेदारी अधिशाषी अभियन्ता की होगी। संघ कार्यालय में तालाबन्दी को लेकर कल दिनांक 18.12.2022 को उ.प्र. राज्य कर्मचारी महासंघ के वरिष्ठ पदाधिकारी दिनेश भार्गव एवं ग्यासीलाल अधीक्षण अभियन्ता चतुर्थ मण्डल सिंचाई कार्य झाँसी से उनके आवास पर मिलें और अधीक्षण अभियन्ता चतुर्थ मण्डल सिंचाई कार्य झाँसी द्वारा उक्त ताला बन्दी प्रकरण पर शीघ्र सर्वमान्य हल संगठन कार्यालय का ताला खुलवाने का आश्वासन दिया गया।इसमें उपरान्त अब्दुल रहीस सिद्दीकी जिलामंत्री उ.प्र. चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ द्वारा कहा गया कि यदि समय रहते अधिशाषी अभियन्ता झाँसी प्रखण्ड द्वारा जो द्वैष भावना पूर्ण कार्यवाही कर तालाबन्दी की गयी है जिसकी आलोचना की गयी। कुन्दन लाल प्रान्तीय उपाध्यक्ष उ.प्र. चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ द्वारा कहा गया कि हम अधीक्षण अभियन्ता के आश्वासन का सम्मान करते हैं। यदि समय रहते संघ कार्यालय का ताला नहीं खुलता है तो जिले का पूरा कर्मचारी आन्दोलन के लिए विवश होगा। बैठक में विभिन्न विभागों के कर्मचारी- सुखलाल, प्रदीप करौसिया, अतर सिंह, कमल सिंह, सगुन सिंह राजपूत, रामदीन, अशोक परिहार, अशोक कुमार, मोजी लाल आदि कर्मचारी उपस्थित रहे। अन्त में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि अधिशाषी अभियन्ता द्वारा अपने तानाशाही रवैया में बदलाव नहीं लाया गया और संघ कार्यालय का ताला नहीं खोला गया तो संघ को आन्दोलन के लिए विवश होना पड़ेगा जिसका पूर्ण उत्तरदायित्व अधिशाषी अभियन्ता का होगा। बैठक का संचालन रामबाबू विश्वकर्मा प्रान्तीय सचिव द्वारा किया गया।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा





