झांसी। नौ वर्ष पूर्व दिन दहाड़े युवक को कबूतर उड़ाने की बात कहकर अपने घर की छत पर ले जाकर तमंचे से कनपटी पर गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपियों पर दोष सिद्ध होने पर आज न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय कक्ष संख्या 2 देवाशीष की अदालत ने आजीवन कारावास और बीस बीस हजार रुपए अर्थदंड अदा करने का फैसला सुनाया है।अभियोजन की और से पैरवी कर रहे एडीजीसी क्राइम संजय देव शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कपूर टेकरी निवासी मजिद कुरैशी ने 26 फरवरी 2016 को नवाबाद थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि सुबह आठ बजे मोहल्ले के रहने वाले आशु व रमजान उसके घर आए और उसके भाई अब्दुल ऊर्फ भइया को अपने घर की छत पर कबूतर उड़ाने के लिए ले गए। छत पर किसी बात को लेकर आशु और रमज़ान उसके भाई को जोर जोर से गाली गलौज कर मारपीट कर रहे थे। शोर शराबा की आवाज सुनकर उनकी मां छत पर पहुंची तो देखा आशु और रमज़ान अब्दुल ऊर्फ भइया को पकड़ कर मारपीट कर रहे और तमंचा निकाल कर उसकी कनपटी पर अड़ा कर गोली मार दी। जिससे मौके पर अब्दुल ऊर्फ भइया की मृत्यु हो गई। पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आज न्यायालय में सुनवाई के दौरान आरोपियों पर आरोप सिद्ध हो गया। न्यायालय ने अभियोजन की ओर से रखे गए साक्ष्य और जिरह मजबूत की। जिस पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा और बीस बीस हजार रुपए अर्थदंड अदा करने का फैसला सुनाया।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
