झांसी। डीएम रविंद्र कुमार ने जनपद में स्थापित 03 क्रय केंद्रों पर किसानों की आवक की जानकारी लेते हुए जरूरी निर्देश दिए। डीएम ने जनपद में स्थापित 03 धान क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक कांटे की क्रियाशीलता, पावर डस्टर बोरे एवं किसानों के लिए पेयजल की उपलब्धता सहित बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम रविंद्र कुमार ने कहा कि धान खरीद-2022 शासन की शीर्ष प्राथमिकता है। न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना का लाभ अधिकतम किसानों को बिना किसी असुविधा के दिलाया जाए। धान खरीद में किसी भी किसान को परेशानी ना उठानी पड़े, यह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित कराया जाए। यदि किसी किसान को परेशान करने की बात प्रकाश में आई तो संबंधित क्रय केंद्र प्रभारी के खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि ऑनलाइन पंजीकरण कराकर अपना धान बेचने आए किसानों को फैसिलिटेट कराए, ताकि उन्हें कोई असुविधा ना हो। निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (कामन धान हेतु रु.2040 प्रति कुंटल एवं ग्रेड-ए के धान के लिए रु. 2060 प्रति कुंटल) का भुगतान 72 घंटे के भीतर पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए किसानों के बैंक खातों भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था और अधिक पारदर्शी और त्वरित भुगतान सुनिश्चित करेगी। जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार ने कहा कि क्रय केंद्रों पर धान बेचने से पूर्व किसान भाई गीले धान को सुखा लें, मानक के अनुरूप धान को क्रय केंद्रों पर लाकर उसकी बिक्री करें और न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना का लाभ उठाएं। किसी भी असुविधा की दशा में कंट्रोल रूम नंबर 6390078717 एवं टोल फ्री नंबर:- 180018800150 पर संपर्क कर सकते हैं किसान भाई जन सुविधा केंद्र के माध्यम से या स्वयं द्वारा खाद्य विभाग की वेबसाइट-https://fcs.up.gov.in पर अपना पंजीकरण एवं शिकायत/संपर्क कर सकते हैं। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि सभी क्रय केंद्रों पर ही ( ई-पाॅप) पोस्ट इलेक्ट्रॉनिक्स पॉइंट ऑफ परचेस मशीन लगाई गई है।ऑनलाइन पंजीकृत किसान क्रय केंद्र पर उपलब्ध ई-पाॅप मशीन में अंगूठा लगाकर फसल बेच सकेंगे। उन्होंने कहा कि खरीद को पारदर्शी बनाने के लिए ही ई-पाॅप मशीन से धान खरीदी जा रही है। किसान अंगूठा लगाकर अपनी फसल बेचकर अनुमन्य न्यूनतम समर्थन मूल्य प्राप्त कर सकेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि सरकारी के केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों को 72 घंटे के भीतर धान का निर्धारित समर्थन मूल्य का भुगतान पीएफएमएस से किसानों के बैंक खातों में होगा, जिसके लिए किसान भाई अपने बैंक खाते को एनपीसीआई से मैप करा लें ताकि उनका त्वरित एवं समयबद्ध भुगतान हो सके। जिलाधिकारी ने पुनः जनपद के किसानों से अपील करते हुए कहा कि अपनी धान की फसल को धान क्रय केंद्र पर ही विक्रय करें ताकि शासन द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त किया जा सके।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा





