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अनुपजाऊ/ बंजर भूमि पर 0.5 मेगा वाट से 02 मेगावाट क्षमता तक का प्लांट स्थापित कर लाभ कमाएं योजना अंतर्गत किसान/भूमिधर को परस्पर सहमति के आधार पर नियत किराया लीज रेंट आय के रूप में प्राप्त होगा

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झांसी। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि यूपी नेडा के अंतर्गत जनपद में पीएम कुसुम कंपोनेंट-ए योजना के अंतर्गत सोलर पावर प्लांट परियोजना की स्थापना की जा रही है। योजना अंतर्गत कृषक/कृषक समूह/कृषक सहकारी समिति/ पंचायत/कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) वाटर यूजर एसोसिएशन आदि यूपीपीसीएल के चिन्हित सब स्टेशन से 05 किलोमीटर की दूरी पर अनुपजाऊ/बंजर भूमि पर पावर प्लांट की स्थापना करते हुए आय का जरिया बनाएं। उन्होंने पीएम कुसुम कम्पोनेन्ट-ए योजना के अन्तर्गत सोलर पावर प्लांट परियोजना की स्थापना की विस्तृत जानकारी का क्षेत्र में व्यापक प्रचार प्रसार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा कृषकों की आय में बढ़ोत्तरी के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान ( पीएम कुसुम ) योजना प्रारम्भ की गयी है। पीएम कुसुम कम्पोनेन्ट – ए योजनान्तर्गत कृषक / कृषक समूह / कृषक सहकारी समिति / पंचायत / कृषक उत्पादक संगठन (एफवीओ ) / वाटर यूजर एसोशियेसन (डब्लूयए) इत्यादि द्वारा यूपीपीसीएल के चिन्हित 33 / 11 केवी सबस्टेशन से 05 किलोमीटर के परिधि में अनुपजाऊ / बंजर भूमि पर 0.5 मेगावाट से 02 मेगावाट क्षमता तक के ग्रिड संयोजित सौर पावर प्लाण्ट की स्थापना अपने पूर्ण व्यय पर की जा सकती है। संबंधित डिस्काम द्वारा स्थपित प्लाण्ट से उत्पादित ऊर्जा क्रय हेतु 25 वर्ष के लिये ऊर्जा क्रय अनुबंध (पीपीए) किया जायेगा। वर्तमान में यूपीपीसीएल द्वारा 3.10 प्रति यूनिट सीलिंग टैरिफ निर्धारित किया गया है। सोलर पावर प्लाण्ट की स्थापना हेतु आवश्यक पूंजी की व्यवस्था, कृषक द्वारा ऋण लिये जाने की स्थिति में 30 प्रतिशत इक्विटी धनराशि वहन की जायेगी अथवा नहीं होने की स्थिति में विकासकर्ता फर्म के द्वारा सोलर पावर प्लाण्ट की स्थापना करायी जा सकती है। ऐसी स्थिति में किसान / भूमिघर को पक्षों की परस्पर सहमति के आधार पर नियत किराया लीज रेंट आय के रूप में प्राप्त होगा। लीज रेंट आपसी सहमति से रू. प्रति वर्ष / प्रति एकड़ अथवा Rs. Per unit of energy generated / per acre निर्धारित किया जा सकता है। इस स्थिति में परियोजना विकासकर्ता फर्म द्वारा अपने व्यय पर संयंत्र की स्थापना की जायेगी और डिस्काम के साथ 25 वर्षों हेतु पीपीए निष्पादित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि पीएम कुसुम योजना के कम्पोनेन्ट-ए योजनान्तर्गत एमएनआरई, भारत सरकार से प्राप्त स्वीकृति के क्रम में वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न जनपदों के चिन्हित 33 / 11 केवी सबस्टेशन ( सूची संलग्न) पर पावर इंजेक्शन हेतु उपलब्ध रिक्त क्षमता के सापेक्ष सोलर पावर जनरेटर के चयन हेतु यूपीनेडा द्वारा ई-निविदा आमंत्रित की गयी है। ई-निविदा राज्य के ई-प्रोक्योरमेंट की वेबसाईट https://etender.up.nic.in पर आमंत्रित की गयी है। आमंत्रित ई-निविदा की अन्तिम तिथि 07.07.2022 है। जिलाधिकारी ने जनपद किसानों को किसान संगठनों को एफपीओ सहित अन्य ग्रामीणों का आवाह्न करते हुए कहा कि पीएम कुसुम कम्पोनेन्ट ए योजना के अन्तर्गत सोलर पावर प्लांट परियोजना की स्थापना की विस्तृत जानकारी को प्राप्त करते हुए योजना का लाभ उठाएं ताकि आर्थिक स्थिति के साथ ही सामाजिक परिवेश में भी सुधार आ सके।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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