झांसी। सरस्वती शिशु/बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बाहर दतिया गेट, झांसी में आयोजित 21 दिवसीय नि:शुल्क ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर-2026 का समापन समारोह आज दिनांक 06 जून 2026 को अत्यंत हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला विद्यालय निरीक्षक झांसी, श्रीमती रती वर्मा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सुधाकर पाण्डेय एवं डॉ. कुसुम पाण्डेय एवं अतिथि के रूप में वरिष्ठ नेता भाजपा मनमोहन गेड़ा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. ए.के. सांवल ने की।
समापन अवसर पर प्रशिक्षार्थियों ने अपने-अपने प्रशिक्षण का उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रस्तुत किया। शिविर में संगीत, गायन-वादन, कंप्यूटर शिक्षा, योग, मेहंदी, ब्यूटी पार्लर, पोल मलखंभ, रोप मलखंभ, अंग्रेजी स्पीकिंग, चित्रकला, नृत्य, घोष, सिलाई-कढ़ाई तथा जिम्नास्टिक सहित विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रदान किया गया। प्रशिक्षार्थियों की प्रस्तुतियों को देखकर अतिथियों ने उनकी प्रतिभा एवं परिश्रम की बहुत-बहुत सराहना की।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्रीमती रती वर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में अपनी सार्थक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।
विशिष्ट अतिथि डॉ. सुधाकर पाण्डेय ने समय के सदुपयोग एवं अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित व्यायाम से शरीर एवं मन दोनों स्वस्थ एवं सशक्त बनते हैं।
अतिथि मनमोहन गेड़ा ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार के वर्ग से बच्चों में जागरुकता आएगी और आगे कौशल विकास के क्षेत्र में उनकी रुचि बढ़ेगी।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. ए.के. सांवल ने विभिन्न प्रशिक्षण विधाओं के लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि कौशल आधारित प्रशिक्षण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनकी आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होते हैं।
बाल कल्याण समिति झांसी के कोषाध्यक्ष डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव ने ग्रीष्मकालीन शिविरों की आवश्यकता एवं उनकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण प्रदान करने वाले सभी आचार्य बंधुओं एवं आचार्या भगिनियों को सम्मानित किया गया। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भैया-बहनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सर्वश्रेष्ठ भैया एवं सर्वश्रेष्ठ बहन को पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। अतिथियों ने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर अपने कौशल एवं प्रतिभा का विकास करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन आचार्या श्रीमती अर्चना पचौरी ने किया तथा अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. कल्पना सिंह ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के संरक्षक डॉ. हरिमोहन गुप्त, उपाध्यक्ष श्रीमती रमा चतुर्वेदी, सह-प्रबंधक मनोज नगरिया, श्रीमती इंदिरा गुप्ता, डॉ. स्वप्निल मोदी, श्रीमती पुष्पा श्रीवास्तव, अरविंद सिंह गौर, अशोक सहित विद्यालय के आचार्य-आचार्या, छात्र-छात्राएँ एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

