
झांसी। लक्ष्मी ताल को अतिक्रमण मुक्त कराने, दुर्दशा से बचाने, तथा उसके विकास के नाम पर हुए करोड़ो के भ्रष्टाचार को उजागर करने की मांग को लेकर बुंदेलखंड तालाब संरक्षण समिति झांसी ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
सोमवार को बुंदेलखंड तालाब समिति के तत्वावधान में संरक्षण राजेंद्र सिंह जल पुरुष, सह संयोजक अशोक तिवारी, पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए मांग करते बताया कि प्राचीन लक्ष्मी ताल 83.6 एकड़ के आकार था परन्तु भी माफियाओं ने अवैध कब्जे अतिक्रमण कर उसका आकार छोटा कर दिया तालाब अब केवल 46 एकड़ में बचा हुआ है। इसी पर इसका सुंदरीकरण किया गया है, उन्होंने मांग करते हुए बताया कि कब्जा की गई भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। तालाब गंदगी से पटा पड़ा है, करोड़ों रुपए की लागत से लगाई गई रानी लक्ष्मी बाई की प्रतिमा के चारों ओर गंदगी आ अंबार बना हुआ है। प्रतिमा लगाने ओर तालाब के सौंदर्यकरण में हुए भ्रष्टाचार पर एक टीम गठित कर भ्रष्टाचार उजागर हो ओर भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्यवाही हो। साथ ही उन्होंने मांग करते हुए बताया कि तालाब के चारों ओर जल कुंभी लगी है, ऑक्सीजन मात्रा कम होने से उसमें हजारों मछलियां मर चुकी पक्षी मर चुके जिससे पानी दूषित हो गया है। उसकी सफाई की जाए पानी बदला जाए। रानी लक्ष्मी बाई की जो प्रतिमा लगाई गई है वहां तक पहुंच कर माल्यार्पण करने के लिए रास्ता बनाया जाए। साथ ही उन्होंने बताया तालब के पास बने प्रतिमा विसर्जन ओर कर्बला ताजिया विसर्जन कुंड भी गंदगी से पटा पड़ा है उसकी भी साफ सफाई कराई जाए। इस दौरान अमीर चंद्र, मनीराम कुशवाह, सुनील तिवारी सहित कई लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

