

झांसी। उत्तर प्रदेश के जिला झांसी में एक भावुक और समाज को नई सोच देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां एक बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की।
दरअसल खत्रयाना मानिक चौक निवासी संतोष रायकवार का 69 वर्ष की आयु में आज सुबह तीन बजे निधन हो गया था। उनके निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार में बेटा नहीं होने के कारण अंतिम संस्कार को लेकर चिंता की स्थिति बन गई थी। ऐसे समय में उनकी पांच बेटियों में सबसे बड़ी बेटी नीरज रायकवार ने साहस दिखाया और पिता का अंतिम फर्ज निभाने का निर्णय लिया। भारी मन और नम आंखों के साथ बेटी अंतिम यात्रा के साथ मुक्तिधाम पहुंची और पूरे विधि-विधान से पिता को मुखाग्नि दी।
इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने बेटी के साहस और हिम्मत को सलाम किया। रायकवार समाज के लोगों का कहना है कि यह पहली बार है, जब समाज में किसी बेटी ने पिता का अंतिम संस्कार किया है। इस तस्वीर ने समाज को यह संदेश दिया है कि बेटियां किसी भी जिम्मेदारी को निभाने में पीछे नहीं हैं। बेटी नीरज के साहस, संस्कार और जिम्मेदारी की पूरे शहर में चर्चा हो रही है। आपको बता दे कि संतोष रायकवार बैद्यनाथ फैक्ट्री में कार्यरत थे उनका निधन होने के बाद वह अपनी पांच पुत्रियों के साथ घर पर ही रहते थे। परिवार की जिम्मेदारी संतोष ओर उनकी बड़ी बेटी निभाती थी।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

