
झाँसी। रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के घटक संस्थान डीकेएस कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, भाटापारा (जिला बलौदाबाजार-भाटापारा) के 67 छात्र-छात्राओं एवं संकाय सदस्यों ने शैक्षणिक भ्रमण किया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की अत्याधुनिक अनुसंधान एवं शिक्षण व्यवस्थाओं का अवलोकन कर व्यावहारिक कृषि ज्ञान प्राप्त किया।
कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य कृषि स्नातक विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि अनुसंधान, प्रायोगिक शिक्षण इकाइयों तथा अर्ध-शुष्क क्षेत्रों के लिए विकसित टिकाऊ कृषि प्रणालियों से परिचित कराना था। भ्रमण दल में 34 छात्राएँ एवं 33 छात्र शामिल रहे, जबकि उनके साथ संकाय सदस्य डॉ. देवेंद्र उपाध्याय एवं डॉ. गंगाराम राणा उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की मशरूम प्रयोगशाला एवं उद्यमिता केंद्र, मधुमक्खी पालन प्रयोगशाला, हाई-टेक बागवानी इकाई, फसल सुरक्षा रणनीतियों तथा विभिन्न अनुसंधान प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया। साथ ही उन्हें कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान से जुड़ी नवीनतम तकनीकों और व्यावहारिक प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आरके सिंह ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि “कृषि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रयोगात्मक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण ही विद्यार्थियों को भविष्य का सफल कृषि वैज्ञानिक और उद्यमी बनाता है। रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”
इस शैक्षणिक भ्रमण का संचालन कृषि महाविद्यालय, झांसी के डॉ. विश्वनाथ एवं डॉ. वैभव सिंह ने किया।
भ्रमण के अंत में छत्तीसगढ़ से आए छात्र दल एवं संकाय सदस्यों ने विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक व्यवस्था, अनुसंधान सुविधाओं तथा टीम भावना की सराहना करते हुए इसे अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक अनुभव बताया।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

