झांसी। आठ माह पूर्व बहन से प्रेम प्रसंग के चलते नाराज भाई ने प्रेमी की अपने साथी के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। हत्या करने वाले आरोपी की ओर आज न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय विशेष न्यायाधीश एस सी एस टी आदित्य चतुर्वेदी की अदालत ने आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। आरोपी को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता केशवेंद्र प्रताप सिंह ओर कपिल ने जानकारी देते हुए बताया कि दलित व्यक्ति ने लहचूरा थाना में 9 अगस्त 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसके बेटे विशाल अहिरवार का गांव की लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 7 अगस्त 2025 को लड़की का भाई प्रकाश प्रजापति अपने साथी अरविंद उर्फ गुल्ले के साथ उसके घर आया ओर पुत्र विशाल को दिल्ली में नौकरी दिलवाने की बात कहकर अपने साथ ले गए। शाम सात बजे जब उसने विशाल को फोन लगाया तो विशाल ने उसे बताया कि अभी वह टहरौली में है। अगले दिन फिर विशाल का फोन लगाया तो वह बंद था। इस पर देर शाम विशाल की तलाश में उसका पिता प्रकाश के घर गया तो उसने बताया कि विशाल सही सुरक्षित है घर आ जाएगा। इसके बाद 9 अगस्त को विशाल का रक्त रंजीत अवस्था में शव झारखंड मंदिर गुढ़ा की झाड़ियों में धसान नदी किनारे मिला। उसका आरोप था कि।प्रकाश ने अपने साथी अरविंद के साथ उसकी हत्या की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। आज न्यायालय में आरोपी की ओर से जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया गया है, अभी आरोपी को जेल में ही रहना पड़ेगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

