झांसी। एक वर्ष से लगातार किशोरी को डरा धमका कर दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी को न्यायालय विशेष न्यायाधीश पोस्को एक्ट मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने जमानत देने से इंकार करते हुए उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता विजय सिंह कुशवाहा ने जानकारी देते हुए बताया कि एक विकलांग व्यक्ति ने 26 मार्च 2026 को थाना सीपरी बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि वह ग्राम बूढ़ा में दुकान चलाता है, उसकी पत्नी व पुत्र मजदूरी करने जाते है। घर पर उसकी नाबालिग 16 वर्षीय पुत्री अकेली रहती है। 25 मार्च 2026 को उसकी पुत्री हाथ में ओप्पो मोबाइल लिए थी। जिस पर पूछताछ की तो पुत्री ने बताया कि यह कीमती मोबाइल उसे भारत माता मंदिर के पास निवासी अशोक कुमार ठाकुर ने दिया है, ओर वह उसे लगातार जून 2025 से उसके साथ कही बाहर ले जाकर कही घर पर अकेली पाकर उसे डरा धमका कर दुष्कर्म कर रहा है। आखिरी बार अशोक ठाकुर ने उसके साथ 25 मार्च 2026 को दुष्कर्म किया था और उसे किसी से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी तथा एक मोबाइल फोन दिया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। आज आरोपी की आर्कस न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिसकी दोनों पक्ष से सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आरोपी को जमानत देने से इंकार करते हुए उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। अभियुक्त को अभी जिला कारागार में ही रहना पड़ेगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

