झांसी। सीपरी बाजार थाना पुलिस ने समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित उनके आधा दर्जन साथियों पर गैंग बनाकर अवैध कब्जा, चोरी, मारपीट ओर हमला करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
नई दिल्ली के कैम्स विलेज निवासी डॉक्टर स्मिता पांडे ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया कि 24 अप्रैल 2014 को उसने झांसी के शहर कोतवाली पुरानी सराय शिया मस्जिद निवासी क्लादेवी उर्फ कुसुम से नयागांव स्थित प्लॉट की रजिस्ट्री कराई थी। रजिस्ट्री कराने के बाद वह प्लॉट पर निर्माण कार्य कराने के ट्रक में ईट, वालू, सीमेंट आदि निर्माण कार्य का सामान लेकर पहुंची ओर निर्माण कार्य कराने लगी। तभी महेश कश्यप, रमेश रायकवार आदि लोग वहां पहुंचे ओर विवाद करने लगे। निर्माण कार्य करने से रोकते हुए बोले कि इस जमीन पर न्यायालय से स्टे है। इसके बाद वह निर्माण सामग्री मौके पर छोड़ कर प्लॉट बेचने वाली कुसुम का पास पहुंची ओर उसे पूरी बात बताई। कला देवी उर्फ कुसुम ने कहा न्यायालय से स्टे ऑर्डर वह ब्रैकेट करवा देगी अभी काम रुकवा दो। पीड़िता का आरोप है कि उसने निर्माण कार्य रोक दिया ओर आस पास के लोगों से मालूम पड़ा कि उसके निर्माण सामग्री को महेश कश्यप, रमेश रायकवार ओर आदि लोग चोरी कर ले गए अपने मकान के निर्माण कार्य में लगा दिए। न्यायालय से स्टे ऑर्डर हटने के ग्यारह वर्षों से शिकायत कर्ता प्लॉट की देखरेख कर रही थी उसका आरोप है कि माह फरवरी 2026 में उसे जानकारी हुई कि उसी प्लॉट पर कलावती जेसीबी मशीन चलवा रही ओर उसने दाखिल खारिज करवा लिया, जिस पर वह झांसी आई ओर जानकारी की तो पता चला कि इन लोगों ने उसे कोर्ट में गैर हाजिर दिखाकर एक पक्षीय कार्यवाही की है। इस प्रकार कमी दिखाकर कलावती, प्रहलाद आदि ने उससे तीन लाख रुपए की अवैध रंगदारी की मांग की। उसका आरोप है कि उसे महेश कश्यप, कलावती, रमेश रायकवार, प्रहलाद आदि ने उसे डर भय दिखाकर मारपीट हमला किया ओर हत्या करने की धमकी दी। उसने बताया कि यह सभी लोग मिले हुए है संगठित गिरोह बनाकर एक जमीन बेचता है दूसरा उस पर स्टे लगाता है फिर यह लोग प्लॉट खरीदने वाले को ब्लैकमेल करते है। पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
सारे आरोप निराधार : पूर्व जिलाध्यक्ष
झांसी। अपने ऊपर दर्ज हुए मुकदमे को लेकर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष महेश कश्यप ने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए सारे आरोप निराधार है। वह एफआईआर दर्ज कराने वाली महिला से न तो कभी मिले ओर न वह जानते पहचानते है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ षड्यंत्र के तहत यह मुकदमा दर्ज कराया गया है। वह पूरी तरह निर्दोष है निष्पक्ष जांच की उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

