
आज भक्तमाल कथा केचतुर्थ दिवस पर श्री राम जानकी मंदिर मेहंदी वाग मैं प्रवचन करते हुए कथा व्यास श्रीमंत मदन मोहन दास जी मैं भक्त नरसी मेहता का चरित्र सुनाते हुए बताया नरसी मेहता की बेटे की शादी होनी थी नरसी मेहता 24 घंटे भगवान नाम संकीर्तन में लगे रहते थे और हर प्रकार से ठाकुर जी के भरोसे रहते थे सांवरिया सेठ की सेवा करते थे लोगों को लगा इस भक्त कैसे बेज्जती कराया जाए और राजा से कहा कि एक नरसी मेहता रहते हैं आपके स्तर का वही आपके बेटे की शादी हो सकती है राजा चला और नरसी मेहता जी के पास पहुंचा जब वहां पहुंच तो देखा कि वहां पर बड़ा महल था उसने अपनी बिटिया के शादी का प्रस्ताव नरसी मेहता को दिया हम आपके लायक नहीं है पर राजा बोला कि नहीं बेटी की शादी आपके बेटे से ही होगी नरसी जी ने सांवरिया सेठ को अपनी बैलगाड़ी में बैठाया और बारात लेकर चल दिए परंतु ठाकुर जी ने ऐसी व्यवस्था की आगे आगे हजारों हाथी घोड़े जा रहे हैं थे राजा परेशान हो गया कि इतनी बड़ी बारात का स्वागत कैसे करेंगे मेरा तो पूरा सब कुछ बज जाएगा तो भी बारात का स्वागत नहीं कर पाऊंगा तब उसने नरसी मेहता से माफी मांगी तब सांवरिया सेठ ने दोनों पक्षों की व्यवस्था करिए एक तरफ से दाऊजी की तरफ से कन्हैया जो व्यवस्था कन्हैया ने की वैसी व्यवस्था किसी शादी में आज तक हुई नहीं एक घटना नहीं नरसी मेहता के ऐसी 57 घटनाएं जीवन में हुई है बस हमारा समर्पण भगवान के प्रति हो जाए और सब कुछ भगवान को साक्षी मानकर ही हम करें निश्चित रूप से हमारा विश्वास फलीभूत होता है बस आवश्यकता है दृढ़ विश्वास कर भगवान का भजन करने की भगवान के मधुर भजन हरबंस दास जी ने प्रस्तुत किया जिसमें मुरली वाले ओ बंसी वाले मुझको तो संभाले किया मैंने खुद को तेरे हवाले सुनकर श्रद्धालुओं के अश्रु बहने लगे पूजन श्री राम प्रिया दास जी महाराज श्री प्रेम नारायण दास जी महाराज औरैया से पधारे अश्विनी नायक शास्त्री श्याम मकदरिया नीरज राय जीपी शर्मा एपी अग्रवालने की अंत में सभी को आरती उपरांत प्रसाद दिया गया।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

