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मुकदमा दर्ज करने के आदेश साथ थानेदार/ विवेचक को निर्देश, अगर जांच में झूठा पाया गया तो मिथ्या साक्ष्य गढ़ने के आरोप में वादी पर की जाए कार्यवाही

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झांसी। अक्सर देखा जाता है कि जब पीड़ित को न्याय नहीं मिलता तो उसकी आखिरी आस न्यायालय का दरवाजा होती है। जहां पीड़ित न्याय की आस में न्यायालय का दरवाजा खटखटा कर न्याय की गुहार करता है। ऐसे में कई पीड़ितों के साथ कुछ अपनी पुरानी रंजिशो को भुनाने ओर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वाले भी फायदा उठा लेते है। लेकिन विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र झांसी नेत्रपाल सिंह की अदालत ने एक मामले में पीड़ित की सुनवाई करने के बाद थाना सदर बाजार पुलिस को लूट की घटना का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही न्यायालय ने थाना प्रभारी/ विवेचनाधिकारी को मुकदमे की निष्पक्ष विवेचना करने ओर आरोप झूठे पाए जाने पर शिकायत कर्ता की खिलाफ न्यायालय में सही तथ्यों को छिपा कर मिथ्या साक्ष्य उपलब्ध कराने न्यायालय की कार्यवाही का दुरुपयोग करने पर मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जाए।

जानकारी के मुताबिक जुबेर कुरैशी ने विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित झांसी नेत्रपाल सिंह अदालत में दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह झांसी ओर ललितपुर जिला पंचायत में ठेकदारी का कार्य करता है, जिससे रंजिशन मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद जावेद ने अपने दो अज्ञात साथियों के साथ उसके साथ ललितपुर में मारपीट की साथ ही जान से मारने की नीयत से फायर किया था। जिसकी थाना शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। जुबेर कुरैशी ने आरोप लगाते हुए बताया कि 25 फरवरी 2026 की शाम चार बजे उसे ललितपुर रोड टेलीफोन एक्सचेंज के पास रोक लिया ओर उस पर जान से मारने की नीयत से हमला कर मारपीट करते हुए कार से कुचलने का प्रयास कर एक लाख रुपए की रंगदारी मांगी, रंगदारी नहीं देने पर हत्या करने की धमकी दी। जुबेर ने बताया कि आरोपियों ने उसकी जेब से 25 हजार 4 सौ रुपए छीन लिए और भाग गए। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेकर मामला दर्ज करने के थाना सदर बाजार पुलिस को आदेश जारी कर दिए। साथ ही न्यायालय ने स्पष्ट रूप से थाना प्रभारी सदर बाजार को निर्देशित किया है अगर जांच में शिकायत कर्ता के आरोप असत्य पाए जाते है तो उसके विरुद्ध न्यायालय को गुमराह करने न्यायालय को सही तथ्यों से अवगत नहीं कराने तथा मिथ्या साक्ष्य गढ़ने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर दंडात्मक्त कार्यवाही की जाए।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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