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लखनऊ में रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी का परचम—‘सर्वश्रेष्ठ कृषि विश्वविद्यालय’ सम्मान से गौरवान्वित

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झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता का परचम लहराते हुए कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘सर्वश्रेष्ठ कृषि विश्वविद्यालय’ सम्मान हासिल किया है। यह गौरवपूर्ण सम्मान उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद् द्वारा आयोजित छठी उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस 2026 के भव्य समारोह में प्रदान किया गया।

 

राजधानी लखनऊ में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक कुमार सिंह को यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

समारोह में ICRISAT के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक एवं परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसे किसान-केंद्रित नवाचारों और सतत् कृषि विकास का अग्रदूत बताया।

 

विश्वविद्यालय कृषि, उद्यानिकी, वानिकी, मत्स्य विज्ञान एवं पशु विज्ञान जैसे विविध क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है। साथ ही, जलवायु-सहिष्णु कृषि, संसाधन संरक्षण, कृषि यंत्रीकरण तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं मशीन लर्निंग (एमएल) आधारित शोध कार्यों में भी संस्थान अग्रणी भूमिका निभा रहा है। किसानों को उन्नत बीज एवं रोपण सामग्री उपलब्ध कराकर उनकी उत्पादकता बढ़ाने में भी विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

इसके अतिरिक्त, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, कृषि वानिकी, बकरी पालन एवं मत्स्य पालन जैसी आयवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा देकर किसानों की आय दोगुनी करने और उनकी आजीविका को सुदृढ़ बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

 

प्रशिक्षण कार्यक्रमों, खेत प्रदर्शन एवं नवीन तकनीकों के प्रसार के माध्यम से किसानों का सतत् क्षमता विकास भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

 

परिषद् के प्रतिनिधियों के अनुसार, यह पुरस्कार उन संस्थानों को प्रदान किया जाता है, जो कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने में उत्कृष्ट योगदान देते हैं और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप कार्य करते हैं।

 

कुलपति प्रो. अशोक कुमार सिंह ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय नवाचार, गुणवत्ता शिक्षा और सहयोग के माध्यम से समावेशी एवं टिकाऊ कृषि विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

 

यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है, बल्कि देश में कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में इसकी अग्रणी भूमिका को और अधिक सशक्त बनाती है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों में उत्साह का माहौल रहा और सभी ने एक-दूसरे को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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