झांसी। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी को जेल से रिहाई नहीं मिल सकी,उसका जमानत प्रार्थना पत्र अपर सत्र न्यायाधीश, गरौठा कनिष्क सिंह के न्यायालय ने निरस्त कर दिया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेश श्रीवास्तव के अनुसार वादिया मुकदमा ने 06 मार्च 2026 को थाना टहरौली में रिपोर्ट कराई गई कि 04 मार्च 2026 को वह अपने घर पर थी। शाम लगभग 5:00 बजे शंकरगढ़ निवासी सोवरन पुत्र लखन कार से उसके घर आया और कन्या सुमंगला योजना की धनराशि खाते में डलवाने हेतु तहसील में अंगूठा लगवाने के बहाने आधे घंटे में घर वापस छोड़ने की बात कहकर अपने साथ कार में बैठा लिया। सोवरन के साथ गिरीश उर्फ गौरव पुत्र भरतलाल व अन्य कुछ अज्ञात साथी बैठे थे। सभी आरोपियों ने तहसील ले जाने के बजाय सुनसान जंगल में ले जाकर बारी बारी से उसके साथ जबरन सामूहिक दुष्कर्म किया। वह लगातार रोती गिड़गिड़ाती रही तथा छोड़ देने की विनती करती रही, परन्तु आरोपियों ने निर्दयता पूर्वक कृत्य किया। शोर शराबा सुनकर आप-पास के लोग मौके की ओर आने लगे, तब सभी आरोपी शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गये।
उक्त मामले में पुलिस ने धारा-70 (1),351 (3), 123, 3 (5) बी०एन०एस० के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। जेल में बंद आरोपी चिंटू उर्फ आशीष द्वारा प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई उपरांत पर्याप्त आधार नहीं पाते हुए न्यायालय ने प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

