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रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी में विश्व वानिकी दिवस की पूर्व संध्या पर जागरूकता का सशक्त संदेश

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झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी में विश्व वानिकी दिवस (अंतरराष्ट्रीय वन दिवस) की पूर्व संध्या पर भव्य एवं जागरूकता से परिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वृक्षारोपण, विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं विचार गोष्ठी के माध्यम से वन संरक्षण का संदेश दिया गया।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. रविन्द्र कुमार सिंह, सहायक निदेशक, केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई), झांसी ने अपने उद्बोधन में कहा, “वन हैं तो जल है, वन हैं तो जीवन है”, और छात्रों को वनों के संरक्षण के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने वनों को सतत विकास एवं मानव अस्तित्व का आधार बताया।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रत्येक कार्यक्रम की शुरुआत वृक्षारोपण से की जाती है, जिससे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में निरंतर योगदान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे एक-एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं।

 

अधिष्ठाता डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि पिछले तीन दिनों से विश्वविद्यालय में पोस्टर, फोटोग्राफी एवं क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें 300 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने बताया कि परिसर में जैव विविधता संरक्षण एवं वृक्षारोपण के सतत प्रयासों से हरियाली में निरंतर वृद्धि हो रही है।

 

कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत संबोधन से हुई, जिसमें विभागाध्यक्ष डॉ. एम. जे. डोबरियाल ने “वन एवं अर्थव्यवस्था” विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वन पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार हैं। उन्होंने बताया कि विश्व की लगभग 1.6 अरब आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से वनों पर निर्भर है।

 

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए गए

क्विज प्रतियोगिता: प्रथम – कुबेर शर्मा, द्वितीय – आदित्य करण, तृतीय – आवृत्ति सिंह

 

फोटोग्राफी प्रतियोगिता:

प्रथम – आदित्य करण

द्वितीय – मुस्कान सिंह

तृतीय – समृद्धि सिंह

 

(पूर्व घोषित श्रेणी में रोशन चौधरी एवं निशांत कुमार को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सराहा गया।)

 

इस अवसर पर सभी अतिथियों द्वारा करंज एवं कचनार जैसे महत्वपूर्ण पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

 

इस आयोजन के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि वन संरक्षण केवल पर्यावरण की आवश्यकता नहीं, बल्कि मानव जीवन, जल सुरक्षा और आर्थिक विकास का मूल आधार है।

 

कार्यक्रम की सफलता में डॉ. राकेश नेगी, डॉ. पंकज लवानिया, गरिमा गुप्ता एवं डॉ. चंद्रशेखर सहित समस्त शिक्षकों एवं छात्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

 

कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. पवन कुमार रहे। संचालन डॉ. बिजी लक्ष्मी ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. हर्ष हेगड़े द्वारा प्रस्तुत किया।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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