
झांसी। आज कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में जिलाधिकारी मृदुल चौधरी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक संपन्न हुई। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में समुचित स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में रूटीन इम्यूनाइजेशन की समीक्षा करते हुए कड़े शब्दों में बच्चो को जन्म लेते ही बीसीजी टीका लगाया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मऊरानीपुर एवं बामौर में असंतोषजनक प्रगति होने पर नाराजगी व्यक्त की और एमओआईसी को शो-कॉज़ नोटिस जारी करते हुए शत प्रतिशत टीकाकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान चलाकर सभी शासकीय/निजी अस्पतालों में बच्चों का टीकाकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को बीसीजी नहीं लगाते हैं तो ऐसे प्राइवेट नर्सिंग होम/अस्पतालों के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक में अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने आभा आईडी की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अभियान चलाकर शत प्रतिशत लोगों की आभा आईडी बनाया जाना सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश स्तर पर अभी जनपद की 37वीं रैंक है, लगभग 12 लाख से अधिक आईडी बनाई जा चुकी है। उन्होंने समस्त एमओआईसी सहित 02 पीपीसी/ 12 यूपीएचसी के चिकित्सकों को अभियान चलाते हुए आभा आईडी बनाए जाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत मरीजों को पोषण पोटली का वितरण करते हुए उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और समय से दवाएं लेने का सुझाव दिया। उन्होंने जनपद के समस्त शासकीय अधिकारी, शैक्षणिक संस्थान, जनप्रतिनिधि, व्यापारिक संगठन एवं एनजीओ के द्वारा गोद लिए जाने निर्देश दिए ताकि मरीज जहां एक ओर मनोबल बढ़ेगा वही इसके प्रति लोगों में जागरूकता भी होगी। उन्होंने प्रत्येक क्षय रोगी को पोषण आहार हेतु एक पोटली दिए जाने भी निर्देश दिए जिसमें मूँगफली, चना, गुड़,सत्तू, गजक,बॉर्नविटा आदि वस्तुएं शासन द्वारा निर्धारित की गई है। बैठक में जिलाधिकारी ने क्षय रोगियों को केन्द्र और प्रदेश सरकार द्वारा संचालित लाभकारी योजनाओं से भी आच्छादित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद के विभिन्न एनजीओ को आगे आकर मरीजों को गोद लिए जाने की अपील करते हुए कि भारत को टीबी मुक्त भारत बनाया जा सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने आम जन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए जाने के दृष्टिगत ग्रामीण क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा जांच कराए जाने के निर्देश दिए ताकि जो कमियां हैं, उन्हें दूर किया जा सके और मरीजों का प्रॉपर इलाज हो सके, इसके साथ ही दवाओं की उपलब्धता भी शत प्रतिशत किए जाने के निर्देश दिए।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता नियंत्रण कार्यक्रम, एंबुलेंस सेवा, राष्ट्रीय कुष्ठ रोग नियंत्रण कार्यक्रम तथा वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति और किए गए कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 सुधाकर पांडेय,सीएमएस पुरुष डॉ0 पी के कटियार,सीएमएस महिला डॉ0 राज नारायण, सीएमएस मेडिकल कॉलेज डॉ0 खुश्तर हैदर,एसीएमओ डा0एन के जैन, जीटीओ डॉ0 यू एन सिंह, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 अंशुमान तिवारी, डॉ0 जूही गोयल डब्ल्यूएचओ सहित समस्त एमओआईसी व अन्य चिकित्सक, विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

