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महिला सशक्तिकरण से ही होगा समाज का समग्र विकास : नगर आयुक्त आकांक्षा राणा कृषि शिक्षा में बेटियां बढ़ा रहीं नई ऊँचाइयाँ, 40 प्रतिशत छात्राएं कर रहीं अध्ययन : कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह

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झाँसी। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी के प्रशासनिक भवन स्थित बोर्ड रूम में महिला सशक्तिकरण को समर्पित एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वन्देमातरम् गीत के साथ हुआ, इसमें विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों तथा विभिन्न ग्रामों से आयी महिला कृषकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

 

*मुख्य अतिथि नगर आयुक्त श्रीमती आकांक्षा राणा (आईएएस)* ने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब महिलाओं को समान सम्मान और अवसर प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि शिक्षा और आत्मविश्वास के माध्यम से महिलाएं अपने जीवन में नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर सकती हैं और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि आज महिलाएं अन्न उत्पादन के साथ-साथ सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन तथा

*कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह* ने कहा कि विश्वविद्यालय में लगभग 40 प्रतिशत छात्राएं कृषि शिक्षा प्राप्त कर रही हैं तथा हाल ही में आयोजित दीक्षांत समारोह में 11 छात्राओं को गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि भारत में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि कार्यों का अधिकांश दायित्व महिलाएं ही निभाती हैं। बीज संरक्षण, दुग्ध उत्पादन, कृषि प्रसंस्करण, अचार, मशरूम उत्पादन तथा पुष्प उत्पादन जैसे क्षेत्रों में महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय महिला कृषकों को प्रशिक्षण देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर किसानों को आधुनिक तकनीकों से अवगत करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में उपलब्ध कृषि तकनीकों का लाभ उठाकर महिला कृषक भी अपने खेतों में उन्नत बीज उत्पादन कर सकती हैं, इसके लिए विश्वविद्यालय हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।

 

*विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित उप श्रमायुक्त श्रीमती किरण मिश्रा* ने कहा कि *“सृष्टि नारी के बिना अधूरी है, नारी ही इस संसार की आधारशिला है।”* उन्होंने कहा कि महिला दिवस महिलाओं को उनके अधिकारों और क्षमताओं के प्रति जागरूक करने का अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज महिलाएं राजनीति, खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और प्रशासन सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कम उम्र में होने वाले विवाह को रोकने की आवश्यकता पर भी बल दिया और कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर, शिक्षित और जागरूक बनाना समय की मांग है।

 

*कार्यक्रम संयोजक एवं प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. सुशील कुमार सिंह* ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, कृषि और प्रशासन सहित प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक दिवस का विषय नहीं है, बल्कि इसे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में व्यवहारिक रूप से अपनाना आवश्यक है।

इस अवसर पर कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि नगर आयुक्त तथा विशिष्ट अतिथि उप श्रमायुक्त को विश्वविद्यालय के उत्पाद, रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा, दुपट्टा एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विश्वविद्यालय की महिला वैज्ञानिकों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। साथ ही विभिन्न ग्रामों से आयी महिला कृषकों को करेला, भिंडी, गिलकी और लौकी के लगभग 6000 पौधे वितरित किए गए।

अतिथियों ने विवि प्रक्षेत्र,पोली हाउस भ्रमण कर खीरा, टमाटर आदि फसलों को देखा, और प्रशंसा व्यक्ति की।

इस अवसर पर विभिन्न ग्रामों से आयीं महिला किसान, विश्वविद्यालय की महिला वैज्ञानिक, विवि के सभी अधिकारी, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन सस्य वैज्ञानिक डॉ. अर्तिका सिंह ने किया, जबकि अंत में पादप वैज्ञानिक डॉ. शुभा त्रिवेदी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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