

झांसी। लोकतंत्र सेनानी द्वार का लोकार्पण करने आए विधान परिषद के सभापति ने कहा जो आज संविधान की कॉपी हाथ में लेकर घूम रहे उन्होंने ही लोकतंत्र की सबसे पहले हत्या की थी। साथ ही उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के स्वतंत्रता के लिए राष्ट्रहित में किए गए संघर्ष की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया।
शनिवार को रानी लक्ष्मी बाई पार्क में विधान परिषद सदस्य रामतीरथ सिंहल की विधायक निधि से तैयार किया गया लोकतंत्र सेनानी द्वार का शुभारंभ करने झांसी आए विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने द्वार का लोकार्पण किया। इसके बाद उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो आज जगह जगह हाथ में संविधान की कॉपी लेकर बांट रहे उन्होंने ही सबसे पहले लोकतंत्र की हत्या की थी और इमरजेंसी लगाई थी। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि आपात काल लोक तंत्र की रक्षा, संविधान मर्यादा, ओर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए राष्ट्रहित में संघर्ष करते हुए जेल जाने वाला लोकतंत्र सेनानियों का यह देश सदैव ऋणी रहेगा। इस दौरान भाजपा के जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह, एमएलसी रामतीरथ सिंहल, मौजूद रहे। इस दौरान अतिथियों ने लोकतंत्र सेनानियों का शॉल श्रीफल भेंट कर माल्यार्पण कर सम्मान किया। सम्मानित होने वाले लोकतंत्र सेनानियों रामसेवक अड़जरिया, अरिंदमन सिंह, गिरीश चंद्र सक्सेना, वीरन कुमार साहू, सहित दर्जनों लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

