
झाँसी। बुंदेलखंड की धरा एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी का तृतीय दीक्षांत समारोह 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को विश्वविद्यालय परिसर में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया जाएगा।
समारोह के मुख्य अतिथि भारत सरकार के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान होंगे।
कृषि मंत्री बनने के पश्चात उनका विश्वविद्यालय में यह प्रथम आगमन होगा, इसे विश्वविद्यालय परिवार विशेष गौरव के रूप में देख रहा है।
सामोरह की जानकारी देते हुए कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि यह दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का उत्सव भी है।
*365 विद्यार्थियों को उपाधि, 15 को स्वर्ण पदक*
समारोह में शैक्षणिक सत्र 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के दौरान स्नातक, परास्नातक एवं पीएचडी पाठ्यक्रम पूर्ण करने वाले कुल 365 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की जाएगी।
विभिन्न विषयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 15 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 3 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि प्रदान की जाएगी।
स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों में ऐश्वर्या, हर्षिता साहू, आकाश कुमार मौर्या, वसुधा प्रधान, आयुष जैन, आकांक्षा कुमारी, मोनिका कायत, मनमोहन भारद्वाज, प्रियंका केन्तवा, स्नेहा राठौर, मिताली तिवारी, रितिका मौर्या, अनुसूरी पूजा, तुषार अय्यप्पा एवं मुक्तिकांत मिश्रा शामिल हैं।
*छह अत्याधुनिक भवनों का लोकार्पण*
दीक्षांत समारोह के अवसर पर केंद्रीय मंत्री द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में निर्मित निम्न नवीन भवनों का लोकार्पण किया जाएगा।
*“कृषि विज्ञान मंडपम” –* 700 सीटों की क्षमता वाला अत्याधुनिक सभागार, म्यूज़ियम एवं सीनेट कक्ष सहित।
*“विवेकानन्द छात्रावास (खण्ड-2)” –* 100 कक्ष (ट्रिपल ऑक्यूपेंसी), कुल 300 छात्र क्षमता।
*“मनु छात्रावास (खण्ड-3)” –* 50 कक्ष (ट्रिपल ऑक्यूपेंसी), कुल 150 छात्राओं की क्षमता।
*“हलधर भवन” –* प्रशिक्षण एवं विस्तार गतिविधियों हेतु आने वाले किसानों के लिए प्रशिक्षण हॉल।
*मशरूम प्रयोगशाला –* उद्यमिता केंद्र
*मधुमक्खी पालन प्रयोगशाला* – इनक्यूबेशन केंद्र
इन नवीन संरचनाओं से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं उद्यमिता गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
*कृषि शिक्षा की नई पहचान*
विश्वविद्यालय में वर्तमान में छात्र संख्या एक हजार से अधिक हो चुकी है। देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थी प्रवेश लेकर कृषि, उद्यानिकी, वानिकी, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान तथा मत्स्य शिक्षा के क्षेत्र में अध्ययन कर रहे हैं।
वर्ष 2014 में एक बैच से प्रारंभ हुई शैक्षणिक यात्रा आज बुंदेलखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान की नई पहचान बन चुकी है।
समारोह को ऐतिहासिक एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था, अतिथि स्वागत, मंच संचालन, मीडिया समन्वय एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
पूरा विश्वविद्यालय परिसर उत्साह, सजावट और गरिमा के वातावरण से सुसज्जित है।
तृतीय दीक्षांत समारोह न केवल विद्यार्थियों के स्वर्णिम भविष्य की शुरुआत का प्रतीक होगा, बल्कि कृषि शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला ऐतिहासिक अवसर सिद्ध होगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

