Home Uncategorized कृषि विद्यालय द्वारा तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय भारतीय भगवानी शिखर सम्मेलन का आयोजन

कृषि विद्यालय द्वारा तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय भारतीय भगवानी शिखर सम्मेलन का आयोजन

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झाँसी। रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी द्वारा 28 से 30 जनवरी 2026 तक विश्वविद्यालय परिसर में चतुर्थ भारतीय बागवानी शिखर सम्मेलन-सह-अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन–2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “सतत विकास, स्वास्थ्य एवं आर्थिक सुदृढ़ता हेतु स्वदेशी एवं अल्प-उपयोगिता बागवानी फसलों का उपयोग” विषय पर केंद्रित होगा।
सम्मेलन की जानकारी देते हुए कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, कुपोषण, घटती कृषि लाभप्रदता और किसानों की आय में अस्थिरता जैसी चुनौतियाँ वैश्विक स्तर पर गंभीर होती जा रही हैं। ऐसे में स्वदेशी एवं अल्प-उपयोगिता बागवानी फसलें इन समस्याओं का व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, उद्यमियों और किसानों के बीच सार्थक संवाद स्थापित कर “विकसित कृषि–विकसित भारत/2047” के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सोसाइटी फॉर हॉर्टिकल्चर रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट (एसएचआरडी) के अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति, कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के डॉ. बलराज सिंह ने* कहा कि स्वदेशी एवं कम उपयोग में लाई जाने वाली बागवानी फसलें पोषण सुरक्षा, जलवायु-सहिष्णु कृषि और किसानों की आय विविधीकरण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन अनुसंधान, नवाचार, नीति निर्माण और उद्यमिता को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जिससे बागवानी क्षेत्र को नई दिशा और गति मिलेगी।

इस अवसर पर अधिष्ठाता, उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि सम्मेलन के दौरान अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय मुख्य व्याख्यान, विषय-विशेष तकनीकी सत्र, नीति एवं उद्योग आधारित पैनल चर्चाएँ, पोस्टर एवं मौखिक शोध प्रस्तुतियाँ, किसान-वैज्ञानिक संवाद तथा स्टार्टअप एवं उद्यमिता पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वदेशी फसलों के फसल सुधार, जैव विविधता संरक्षण, जीनोमिक्स, जलवायु-सहिष्णु बागवानी, सटीक कृषि, फसलोत्तर प्रबंधन एवं मूल्य संवर्धन जैसे विषयों पर गहन मंथन किया जाएगा।
सम्मेलन में डॉ. पंजाब सिंह (माननीय कुलाधिपति), डॉ. एस. के. सिंह (उप महानिदेशक, बागवानी, आईसीएआर), डॉ. टी. जानकी राम, डॉ. रोजेश कुमार, डॉ. शैलेन्द्र राजन, डॉ. पी. एल. सरोज, डॉ. पी. के. गुप्ता, डॉ. जगदीश राणे सहित देश-विदेश के प्रतिष्ठित कृषि एवं बागवानी वैज्ञानिक, निदेशक, नीति-निर्माता, प्रशासक, शोधार्थी, प्रगतिशील किसान, एफपीओ प्रतिनिधि, उद्यमी एवं छात्र बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे।
सम्मेलन के दौरान एसएचआरडी द्वारा बागवानी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वैज्ञानिकों, शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, उत्कृष्ट वैज्ञानिक पुरस्कार, युवा वैज्ञानिक पुरस्कार, महिला वैज्ञानिक पुरस्कार, श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार एवं नेतृत्व उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
इस अवसर पर निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. सुशील कुमार सिंह, निदेशक शोध डॉ. एस. के. चतुर्वेदी, निदेशक शिक्षा डॉ. अनिल कुमार, अधिष्ठाता डॉ. आर. के. सिंह, डॉ. एम. जे. डोबरियाल, डॉ. गौरव शर्मा, डॉ. बृज बिहारी शर्मा, डॉ. शैलेन्द्र कुमार, डॉ. प्रभात तिवारी, सुजीत चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारी एवं वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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