
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने आईसीएआई के साथ ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर कर रचा इतिहास, देश के 16 चुनिंदा विश्वविद्यालयों में स्थान सुनिश्चितझांसी, 17 जनवरी 2026: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी अकादमिक श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए देश की सर्वोच्च लेखांकन संस्था ‘द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया’ (आईसीएआई) के साथ ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया है। देश भर से चुनिंदा 16 प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में स्थान पाने वाली यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण है।यह समझौता नई दिल्ली के ‘द ललित होटल’ में आयोजित आईसीएआई के दो दिवसीय ‘ग्लोबल एजुकेशन समिट 2026’ के दौरान संपन्न हुआ। समारोह में 24 राज्यों एवं 2 केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षाविदों ने भाग लिया। राज्यसभा सांसद सीए अरुण सिंह तथा आईसीएआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए चरणजोत सिंह नंदा की उपस्थिति में एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। कुलपति प्रोफेसर मुकेश पाण्डेय के दूरदर्शी विजन और कुशल मार्गदर्शन का यह परिणाम है। विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व गणितीय विज्ञान एवं कंप्यूटर अनुप्रयोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अवनीश कुमार तथा डॉ. धर्मेंद्र बादल ने किया। आईक्यूएसी निदेशक प्रोफेसर सुनील काबिया, प्रोफेसर सी.बी. सिंह एवं प्रोफेसर अर्चना वर्मा के समन्वय ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।आईसीएआई झांसी शाखा के अध्यक्ष सीए उज्ज्वल मोदी ने बताया कि यह एमओयू कॉमर्स के अलावा अर्थशास्त्र, मैनेजमेंट तथा होटल एवं पर्यटन विभाग के छात्रों को भी लाभान्वित करेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शॉर्ट टर्म कोर्सेज, सेमीनार एवं कार्यशालाओं का आयोजन होगा, जिससे छात्रों को कौशल विकास एवं रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, सीए डिग्री को पीएचडी प्रवेश के लिए स्नातकोत्तर के समकक्ष मान्यता मिलेगी।डॉ. धर्मेंद्र बादल एवं सीए उज्ज्वल मोदी के अथक प्रयासों से संपन्न यह एमओयू बुंदेलखंड के युवाओं को लेखांकन एवं वित्त क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने का मील का पत्थर साबित होगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

