झांसी। सीजीएसटी रिश्वत कांड के बाद लगातार एक के बाद एक चर्चाएं सामने आने लगी है। रिश्वत कांड में पकड़े गए सीजीएसटी के घूसखोर अफसरों के करीबी बीसीआर चोर बन गया क्रिप्टो करेंसी ओर जमीन का बड़ा कारोबारी तो किसी घूसखोर अफसर का साला 13 लाख रुपए से बन गया 13 करोड़ का आसामी। फिलहाल सीबीआई सभी बिंदुओं पर काम कर रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन सीजीएसटी के इन घूसखोर अफसरों के करीबी रडार पर होंगे।
खबर सूत्रों के मुताबिक अभी हाल ही में सीबीआई ने झांसी सीजीएसटी के अधिकारी डिप्टी कमिश्नर श्रीमती प्रभा भंडारी, अधीक्षक अनिल तिवारी, अजय शर्मा को दस दिन पूर्व गिरफ्तार किया था। इनकी गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने कई जगह इनके स्थानों पर छापेमारी कर करोड़ों के नकदी जेवरात बरामद करते हुए ऐसे दस्तावेज साक्ष्य बरामद किए थे जिसमें इन सभी घूसखोरों का लेखा जोखा लिखा रखा था। सूत्र बताते है कि घूसखोर अधीक्षक अनिल तिवारी के एक रिश्तेदार को भी सीबीआई ने रडार पर लिया था जो इनकी घूसखोरी का पैसा रेलवे ठेकेदारी आदि में लगवाता था। सही ऐसे साक्ष्य सामने आए जिसमें हर आयोजन शुभ कार्यों में एक शहर के बड़े जमीन कारोबारी की उपस्थिति हमेशा रही। चाहे वह शुभ कार्य किसी बड़े होटल में हो या किसी कीमती फ्लैट में। सूत्रों का कहना है कि यह बड़ा जमीन कारोबारी पूर्व में बीसीआर चोरी कांड में नाम सामने आया था इसके बाद यह जब से घूसखोर अनिल तिवारी के संपर्क में आया उसने इनकी घूसखोरी का पैसा क्रिप्टो करंसी ओर जमीनों में लगा दिया। सीबीआई कई घूसखोर के करीबियों की फाइल बनाकर जमीनों की खरीद फरोख्त का भी विश्लेषण कर रही। वहीं घूसखोर एक अधिकारी का साला शिवाजी नगर निवासी शुरुआत में 13 घूसखोरी के 13 लाख रुपए से आज 13 करोड़ से अधिक का आसामी बन गया। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई यह जानकारी भी जुटा रही की इस घूसखोर अधिकारी के रिश्तेदार ने मध्य प्रदेश के भोपाल में कई बेशकीमती बड़ी बड़ी इमारतें बिल्डिंग बनाकर उनकी खरीद फरोख्त कैसे की। सीजीएसटी के घूसखोर अधिकारियों की फाइल अभी काफी लंबी बनती जा रही है। सीबीआई अब इनके करीबियों की संपत्ति ओर लेखा जोखा जुटाने में लगी है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

