
झांसी। उत्तर प्रदेश सरकार की झांसी आई केबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य ने बताया कि मनरेगा का नाम बदल कर अब विकसित भारत जी राम जी कर दिया है। नाम परिवर्तित करने का उद्देश्य उन्होंने बताया कि पहले मनरेगा में भ्रष्टाचार होता था,मजदूरों को काम नहीं मिलता था। मजदूरों के नाम पर गलत लोग पैसा लेते थे। मजदूरों को पूरे सौ दिन काम नहीं मिलता था। लेकिन अब जी राम जी योजना में बनाए गए कानून में मजदूरों को 125 दिन काम मिलेगा। भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। जिम्मेदारी तय की जाएगी। ग्राम प्रधान ओर पंचायत सदस्य कार्य योजना बनाकर देंगे उसी को पास किया जाएगा। गुरुवार को सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की केबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने जानकारी देते हुए बताया कि विकसित भारत जी राम जी कानून में गांव से कार्य योजना बनेगी। गांव में उन्होंने वाले विकास कार्य टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता से होंगे। ग्रामीणों को साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी दी गई है। कर्मचारी और तकनीकी विशेषज्ञों का अनुदान छ प्रतिशत से बढ़ा कर नौ प्रतिशत कर दिया गया है। मनरेगा में वय होने वाली धनराशि साठ प्रतिशत केंद्र ओर चालीस प्रतिशत राज्य सरकार वय करेगी। नए कानून से ग्रामीण आर्थिक एवं मानसिक रूप से मजबूत होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए यह योजना मिल का पत्थर साबित होगी।
इस दौरान सांसद अनुराग शर्मा, एम एल सी श्रीमती रमा आरपी निरंजन, एमएल सी राम तीरथ सिंहल, जिला अध्यक्ष प्रदीप पटेल, महानगर अध्यक्ष सुधीर सिंह, बबीना विधायक राजीव सिंह, गरौठा विधायक जवाहर लाल, राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त/पूर्व जिलाध्यक्ष जमुना प्रसाद, मीडिया प्रभारी सहजेंद्र बघेल, सौरभ मिश्रा, प्रियांशु डे मौजूद रहे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

