
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अधिवक्ताओं व पत्रकारों की सुविधा के लिए बनाई गई विशेष पर्चा खिड़की महज कागजी व्यवस्था बनकर रह गई है। बुधवार को ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ के बीच यह तथाकथित विशेष खिड़की साढ़े दस बजे तक बंद पड़ी रही, जिससे संबंधित वर्गों में भारी नाराजगी देखी गई।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब शासन के स्पष्ट निर्देशों के तहत यह सुविधा बनाई गई है, तो आखिर इसका संचालन कौन देख रहा है खिड़की बंद रहने की न तो कोई सूचना दी गई और न ही कोई जिम्मेदार कर्मचारी यह बताने को तैयार था कि यह खिड़की कब खुलेगी या खुलेगी भी या नहीं।
दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक घंटों इधर-उधर भटकते नजर आए, वहीं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अधिवक्ताओं और पत्रकारों को भी सामान्य मरीजों की लाइन में लगने को मजबूर होना पड़ा। यह हालात मेडिकल कॉलेज प्रशासन की संवेदनहीनता और लापरवाही को उजागर करते हैं।
प्रश्न उठता है कि क्या विशेष खिड़की केवल फोटो खिंचवाने और रिकॉर्ड पूरा करने के लिए बनाई गई है क्या अस्पताल प्रशासन को उन लोगों की परेशानी से कोई सरोकार नहीं, जिनके लिए यह सुविधा निर्धारित की गई थी यदि यही व्यवस्था बनी रही, तो आमजन का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से उठना तय है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

