
झांसी। डकैती ओर रंगदारी मांगने के आरोप में फरार चल रहे समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीपक उर्फ दीप नारायण सिंह यादव आज न्यायालय में पेश नहीं हुए। न्यायालय ने उनकी सरेंडर एप्लिकेशन पर अगली सुनवाई बीस दिसंबर लगा दी है। इधर दीप नारायण सिंह यादव की न्यायालय में सरेंडर होने की खबर से पुलिस सुबह से ही एलर्ट थी। मोठ थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश पाल पुलिस फोर्स के साथ न्यायालय परिसर पर निगाहें गढ़ा कर मुस्तैद रहे।
आपको बता दे कि मोठ थाना में माह नवंबर में प्रेम प्रकाश सिंह पालीवाल ने समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह, अनिल यादव उर्फ मम्मा ओर अज्ञात के खिलाफ मारपीट, 32 हजार रुपए की डकैती डालने ओर बीस लाख की रंगदारी मांगने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से पूर्व विधायक भूमिगत हो गए थे। पुलिस टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी। लेकिन पूर्व विधायक की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने उनकी संपत्ति पर नोटिस चस्पा कर हाजिर नहीं होने पर कुर्की की कार्यवाही की चेतावनी दी थी। इधर पुलिस ने फरार चल रहे पूर्व विधायक के पीआरओ अशोक गोस्वामी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं दूसरे आरोपी अनिल यादव उर्फ मम्मा ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। जहां से उसे भी जेल भेज दिया था। दो दिन पूर्व पुलिस ने गैंग बनाकर अपराध कर अपराध से अर्जित की गई बीस करोड़ से अधिक दीप नारायण सिंह यादव की संपत्ति कुर्क कर दी थी। पुलिस के शिकंजा कसता देख पूर्व विधायक दीप नारायण ने उच्च न्यायालय की शरण ली थी। जहां 19 तारीख सुनवाई पर लगी है। इधर पुलिस के शिकंजा कसता देख पूर्व विधायक ने न्यायालय में सरेंडर एप्लिकेशन डाली थी। जिसमें 15 दिसंबर को न्यायालय में आत्मसमर्पण करने केजी तारीख लगी थी। दीप नारायण के न्यायालय में सरेंडर करने की खबर पर सुबह से पुलिस बल न्यायालय के आस पास मौजूद रहा। साढ़े बारह बजे से सुनवाई के दौरान एक बजे तक पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव ने न्यायालय में सरेंडर नहीं किया। न्यायालय ने उनकी सरेंडर एप्लिकेशन पर अगली सुनवाई बीस दिसंबर लगा दी है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

