
झांसी। उत्तर प्रदेश में आठ नौ साल पहले अपहरण बच्चियों का ही नहीं पुरुषों का भी होता था। उत्तर प्रदेश किडनेपिंग अपहरण का व्यापार था। लेकिन अब योगी सरकार में महिलाएं पुरुष सभी सुरक्षित है। यूपी में अपराध सौ प्रतिशत घट गया है। अपराध अगर है तो सिर्फ घरों के अंदर है, ओर इस अपराध को व्यक्ति अपने घर अंदर ही समाप्त कर सकता है। यह व्यक्तव्य झांसी में महिला उत्पीड़न की जन सुनवाई करने झांसी आई उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती बबीता सिंह ने कही।
शुक्रवार को झांसी सर्किट हाउस पहुंची उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह को पुष्पगुच्छ भेंट समाजसेवी सुश्री डॉक्टर नीति शास्त्री ने स्वागत किया। इस दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले अपहरण का व्यापार था। यहां पुरुष ही नहीं महिलाएं बच्चियां भी सुरक्षित नहीं थी। चलते रास्ते उठा लिया जाता था। लेकिन अब अपराध पूरी तरह समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि आज सुबह वह सबसे पहले महिला अस्पताल का निरीक्षण करने गई थी। जहां उन्हें सब कुछ अच्छा मिला। पूर्व के निरीक्षण में मिली खामियां इस बार दुरुस्त थी। मरीजों को बाहर रेफर करने की, गंदगी के अंबार की आदि व्यवस्थाएं दुरुस्त मिली। वहीं उन्होंने पुरुष प्रताड़ित होने के सवाल के जवाब पर कहा कि जो महिलाएं ऐसा कर रही उनमें न भारत के संस्कार है न ही संस्कृति। भारत की महिलाएं अत्याचार सहती है अत्याचार करती नहीं। कुछ महिलाएं पुरुष की बराबरी करने के लिए ऐसा कदम उठती है उन मामलों में जांच चल रही। उन्होंने एक गैर जनपद की घटना का उदाहरण देते हुए बताया कि एक महिला पति की हत्या में जेल में बंद है जब उस महिला से मुलाकात की तो पता चला कि उसका पति उसे कई वर्षों से कमरे के अंदर बांध कर रखता था। इसलिए आवेश में आकर उसने अपने पति की हत्या की। वहीं उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण चल रहा है, उत्तर प्रदेश में बेटियां पल रही, बेटियां बढ़ रही, बेटियां बच रही है। आज यूपी में महिला पुरुष सभी सुरक्षित है। आठ नौ साल पहले उत्तर प्रदेश में किडनेपिंग का व्यापार था। सड़क चलते पुरुष महिलाएं किडनेप हो जाते थे। उन्होंने कहा कि आज यूपी में अपराध सौ प्रतिशत समाप्त है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

