झांसी। कलेक्ट्रेट में अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के बाद पुलिस के साथ हुई अभद्रता और मोबाइल लूटकांड की घटना के बाद अधिवक्ता संघ द्वारा लिए गए अपने अनिश्चित कालीन हड़ताल वापसी के बाद जलाए गए अध्यक्ष, महामंत्री के पुतले के बाद अधिवक्ता संघ ने रखा अपना पक्ष। कहा हमारे दो अधिवक्ता साथी पुलिस हिरासत में थे, अगर हम निर्णय नहीं बदलते तो आज हमारे साथियों की दीपावली जेल में बनती, उन्होंने कहा कि वह अपने अधिवक्ता साथियों के लिए खुद जेल जाने को तैयार हूं, लेकिन अपने किसी भी जूनियर या सीनियर अधिवक्ता का सम्मान नहीं खोने दूंगा। अपने अधिवक्ता साथियों को छुड़ाने के लिए अगर हमने खेद व्यक्त किया तो क्या बुरा किया।बुधवार को कचहरी परिसर में शंकर सहाय भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे, महामंत्री छोटे लाल वर्मा ने आयोजित की गई पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि मंगलवार को महामंत्री, और अध्यक्ष का पुतला जलाकर जिस प्रकार विरोध और अभद्रता की गई है, वह विरोधियों की साज़िश थी, उन्होंने कहा यह साजिश का हिस्सा वह लोग थे जिन्हें हम हरा चुके है, उन्होंने कहा कि विरोध करने वालों में कोई अधिवक्ता नहीं था। साथ ही उन्होंने पत्रकार वार्ता के दौरान रोमेश अग्रवाल अधिवक्ता द्वारा उन्हें पोस्ट करके भेजा गया पत्र दिखाया जिसमें रोमेश अग्रवाल ने लिखा है कि उनके साथ शहर कोतवाल ने गाली गलौज अभद्रता की है, इसी पत्र को संज्ञान लेकर अधिवक्ता संघ ने प्रदर्शन किया था, इसी दौरान हमारे कुछ अधिवक्ता साथियों की दरोगा से अभद्रता हो गई थी, जिस के बाद अधिवक्ता संघ ने अनिश्चित कालीन हड़ताल करने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने दरोगा के साथ अभद्रता करने के मामले में दो अधिवक्ता साथी पुलिस की हिरासत में थे, अगर अधिवक्ता संघ इस घटना पर खेद व्यक्त नहीं करता तो हमारे दो अधिवक्ता साथियों की दीपावली जेल में बनती। अध्यक्ष, महामंत्री ने कहा कि वह अपने अधिवक्ता साथियों के लिए खुद जेल जाने को तैयार है, अपने अधिवक्ता साथियों का सम्मान हमेशा बना रहेगा, इसलिए अगर जेल जाना पड़े तो जेल चले जाएंगे। अधिवक्ता संघ ने पुलिस प्रशासन का धन्यवाद दिया है, कि उन्होंने अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे में एफआर लगाने का आश्वासन दिया है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
