
झांसी। उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल एवं कैट के पदाधिकारियों की एक संयुक्त बैठक उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के केंद्रीय कार्यालय पर व्यापारी नेता संजय पटवारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई।बैठक में 2000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.40% प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर व्यापारियों की चिंताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।ज्ञात हो कि ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स फेडरेशन (AICPDF), ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA), कैट, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल एवं बिजनेस डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन द्वारा 2 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित “नो यूपीआई डे” का आह्वान किया गया था। इस विषय में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासन के बाद इस आह्वान को वापस लेने का निर्णय लिया गया है।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित MDR से छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल भुगतान की गति को बनाए रखना जरूरी है, लेकिन ऐसी नीति बननी चाहिए जिससे व्यापारियों पर अनावश्यक बोझ न पड़े।व्यापारिक नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य डिजिटल भुगतान का विरोध करना नहीं है। उन्होंने डिजिटल इंडिया मिशन और UPI की वैश्विक सफलता का पूर्ण समर्थन किया और कहा कि डिजिटल लेनदेन से जुड़ी नीतियां संतुलित, समावेशी तथा उपभोक्ता और व्यापारी दोनों के हित में होनी चाहिए।बैठक में प्रमुख रूप से व्यापारी नेता श्री कुलदीप सिंह दांगी, बिजनेस डेवलपमेंट आर्गेनाईजेशन के अध्यक्ष संजय गेंडा, दिलीप अग्रवाल, राजेश बिरथरे, अभिषेक सोनकिया, पंकज शुक्ला, अरुण गुप्ता, संजय सराफ, अंकुर वट्टा, अनिल राय रिंकू, संजय गुप्ता, अनूप खरे, प्रदीप गुप्ता, शांतनु घोष, हर्षवर्धन सेठ, अरविंद गुप्ता, विशाल जैन, सोनू उपाध्याय आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।बैठक का संचालन कैट महानगर अध्यक्ष डॉ. विवेक बाजपेई ने किया तथा आभार के.के. अग्रवाल ने व्यक्त किया।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
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