झांसी। एक माह पूर्व ड्रग सप्लायर की अवैध रंगदारी मांगने को लेकर हत्या करने के आरोप में जेल में बंद हत्यारोपी को न्यायालय सत्र न्यायाधीश कमलेश कच्छल की अदालत ने जमानत देने से इनकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। अभियुक्त को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा। अभियोजन की और से पैरवी कर रहे डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि 13 सितंबर 2026 को रात नौ बजे विनय नगर नहर रोड निवासी परवेज अली की कार सवार उसके साथियों ने अवैध रंगदारी को लेकर मारपीट कर हत्या कर दी थी। आरोप था कि मृतक परवेज अली ड्रग नशीले पदार्थों का सौदागर था और डेढ़ माह पूर्व वह जम्मू कश्मीर से जेल गया था। कार सवार परवेज अली के साथियों ने उसकी हत्या के बाद शव को प्रेमनगर के नगरा हाट का मैदान में फेंक दिया था। इस मामले में पुलिस ने तमाम साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर प्रकाश में आए अभियुक्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। जिसमें प्रेमनगर थाना में तैनात सिपाही आशीष सहित प्रियांश सोनी, फरहान, साहिल मिश्रा, जय श्रीवास्तव, अफाक, अभिषेक, शिवम गुप्ता, अर्सिल खान, यश शिवहरे और भूपेंद्र का नाम प्रकाश में आया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आज न्यायालय में आरोपी मोहिनी बाबा मजार बाहर सैयर गेट निवासी फरहान की और से न्यायालय में जमानत याचिका डाली गई और खुद को निर्दोष बताकर न्यायालय से जमानत देने की अपील की। अभियोजन की और से पैरवी कर रहे डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव ने जिरह के दौरान पुलिस द्वारा संकलित किए गए साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सीडीआर आदि साक्ष्य का हवाला देकर आरोपी को जमानत न देने की अपील की। न्यायालय ने दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद गंभीर अपराध होने पर आरोपी को जमानत देने से इंकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। अभियुक्त को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
